विधानसभा में तो एक बार सिद्धू ने जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा की तारीफ करते हुए कहा था कि एसजीपीसी पर सुखजिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में कांग्रेस को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने नारा लगाया था कि सुक्खी पाजी तुम आगे बढ़ो, हम तुमारे साथ हैं। सिद्धू और कैप्टन के बीच जब कभी खटास पैदा हुई, उसको सुक्खी रंधावा ने ही खत्म किया और समझौता करवाया।
इसके अलावा परमिंदर पिंकी और दो अन्य विधायक सिद्धू के निकटवर्ती हैं और कैप्टन व सिद्धू के बीच पुल का काम करते रहे हैं। राहुल गांधी को कैप्टन बताने वाले बयान के बाद उठे विवाद को भी सुक्खी रंधावा और सिद्धू के निकटवर्ती विधायकों ने मिल बैठकर निपटाया था।
इस बार मामला इतना बढ़ गया कि सुक्खी रंधावा के अलावा सिद्धू के निकटवर्ती चारों विधायकों को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने तेवर दिखा दिए। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर में तो कैप्टन व सिद्धू के बीच मामला निपटाने के लिए कांग्रेसी मंत्री और विधायकों ने कोशिश की, लेकिन कैप्टन का सख्त मिजाज देखकर सभी ने चुप्पी साध ली।