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Chandigarh News: रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले भगवान जगन्नाथ, पहुंचे मौसी के घर

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चंडीगढ़। सेक्टर-31 के श्री जगन्नाथ मंदिर से मंगलवार को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आयोजन हुआ। भगवान रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। इस रथयात्रा में भारी संख्या में भक्तों ने शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और जयकारे लगाए। साथ ही रथ का रस्सा खींचने के लिए भक्तों में होड़ रही। रथयात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। भक्त नृत्य और संकीर्तन करते हुए चल रहे थे। इस दौरान भीषण गर्मी के कारण मंदिर प्रबंधन की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। मंदिर का संचालन उत्कल सांस्कृतिक संघ की ओर से होता है। यात्रा के दौरान पानी की व्यवस्था की गई थी। रथ को आकर्षक तरीके से सजाया गया। इस दौरान उत्कल सांस्कृतिक संघ के पदाधिकारी इस्कॉन और श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के संन्यासी और भक्त कीर्तन करते रथयात्रा में चल रहे थे। उत्कल सांस्कृतिक संघ के प्रधान डाॅ. आरके रथो ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना के बाद खगेश्वर नायक ने भगवान जगन्नाथ के भव्य रथ की सोने के झाडू से सफाई कर उसे पवित्र करने की सेवा निभाई। सीनियर एडवोकेट राकेश बजाज ने बतौर मुख्यातिथि शामिल होकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा शहर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा। धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान श्री जगन्नाथ भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकले।
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रथयात्रा सेक्टर-31 के श्री जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर सेक्टर-32, 29, 30, 20, 21, 34, 44, 45, और सेक्टर-47 होते हुए सेक्टर-31 स्थित मंदिर में पहुंचकर संपन्न हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया।
मौसी के घर पहुंचे भगवान
उत्कल सांस्कृतिक संघ के सचिव एसके नायक ने बताया कि रथयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ मौसी के घर पहुंचे। बहुड़ा यात्रा के दौरान वे 28 जून को श्री मंदिर में पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि 21 से 28 जून तक मंदिर परिसर में शाम 8 से 10 बजे तक भजन संध्या होगी और बहुड़ा यात्रा 28 जून को होगी। उत्कल सांस्कृतिक संघ के संयुक्त सचिव बी पात्रा ने बताया कि मान्यता के मुताबिक भगवान श्री जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ अपने भक्तों को दर्शन देते हुए मौसी मां के घर पर पहुंचते हैं। यहां नौ दिन रहेंगे। मौसी मां के घर उनके मनोरंजन के साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 28 जून को भगवान वापस मंदिर में आएंगे। इसे बाहुड़ा यात्रा कहा जाता है। वहीं रूठी हुई माता लक्ष्मी को मनाएंगे। इस अवसर पर संस्था के प्रधान डॉ. आरके रथो के अलावा उपाध्यक्ष सरोज के. नायक, बराजा किशोर भंजा, सुशांत नायक, महासचिव अरुण कुमार मलिक, संयुक्त सचिव भाबाग्रही पात्रा, गंगाधर छटोही, बसंत कुमार दास, वाइस चेयरमैन एसके भूइयां, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार पात्रा तथा प्रेस सचिव मनोज कुमार महापात्रा सहित बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
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