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कश्मीर से हथियार लूटे, जालंधर में ली पनाह, पनाहगार पकड़े, जवान भागा

Fri, 05 Aug 2016 04:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
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BSF & SSG Team - फोटो : amar ujala
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जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में 24 जुलाई को साथी रघुवीर सिंह पर चाकू से हमला कर हथियार का जखीरा लूटने वाला बार्डर सिक्योरिटी फोर्स का जवान जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के हाथों से बच निकला। साढ़े तीन घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने हथियारों का जखीरा बरामद कर लिया है। वहीं बीएसएफ के जवान राजीव रंजन को पनाह देने वाले उसके दो साथियों मुकेश और मिथुन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस कमिश्नर अर्पित शुक्ला, डीसीपी हरजीत सिंह, एडीसी (पी) अमरीक सिंह पवार ने बताया कि राजीव रंजन को जम्मूू कश्मीर की पुलिस खोज रही थी, उस पर अपने साथी रघुवीर सिंह पर कातिलाना हमला करने और एलएमजी समेत कई हथियार लूूटने का मामला दर्ज है। इस बीच सूचना मिली कि राजीव रंजन खुरला किंगरा इलाके में छिपा हुआ है।
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इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया

BSF Jawan - फोटो : file photo
इसके बाद मंगलवार सुबह जेएंडके पुलिस, कमिश्नरेट पुलिस और बार्डर सिक्योरिटी फोर्स की संयुक्त टीम का गठन किया गया। खुरला किंगरा इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस बीच राजीव रंजन इलाके से निकल गया। वहीं पुलिस उस घर तक पहुंच गई, जहां राजीव रंजन बीते दो दिनों से रुका हुआ था।

पुलिस ने घर की तलाशी लेने पर एलएमजी, 10 मैगजीन और 250 कारतूस बरामद किए। इस मकान को बिहार के रहने वाले मुकेश और मिथुन ने किराए पर ले रखा था, जिनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कमिश्नर शुक्ला के मुताबिक आरोपी राजीव रंजन, मुकेश व मिथुन तीनों बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं। वह एक दूसरे के काफी करीबी हैं। राजीव पहले भी कई बार मुकेश और मिथुन के पास आकर रह चुका है।

पुलिस ने मिथुन और मुकेश को राजीव रंजन को पनाह देने के आरोप में काबू किया है, इन दोनों को राजीव की ओर से की गई वारदात के बारे में पता था या नहीं, इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में काफी सर्च की, लेकिन राजीव रंजन का सुराग नहीं मिला। बस स्टैंड के अलावा रेलवे स्टेशन पर भी कड़ा पहरा लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजीव ने हथियार क्यों लूटे थे, यह उसकी गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ पाएगा।
 
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