सिरसा सीट पर इस बार लोकसभा चुनाव का मुकाबला त्रिकोणीय होता जा रहा है। इस सीट पर चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों का फैसला अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार तय करेंगे।
इस आरक्षित सीट पर यूं तो जाट, जट सिख, सिख वोटरों की संख्या पांच लाख से ज्यादा है, मगर पारंपरिक रूप से पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति के वोटरों की संख्या करीब नौ लाख है। सिरसा जिला पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का गृह जिला है।
1989 से 2009 तक सात लोकसभा चुनाव हुए हैं। जिसमें कांग्रेस ने चार बार और इनेलो ने तीन बार जीत दर्ज की थी। इनेलो ने 1989, 1998 और 1999 में तब जीत दर्ज की थी, जब 1989 और 1999 में इनेलो का भाजपा के साथ गठबंधन था और 1998 में बसपा के साथ गठबंधन था। 2009 में भाजपा-इनेलो गठबंधन था, मगर इनेलो उम्मीदवार हार गए थे।
2009 में था इनेलो-भाजपा का गठबंधन
सिरसा लोकसभा सीट में सिरसा जिले की पांचों विधानसभा सीटें डबवाली, ऐलनबाद, रानियां, कालांवाली और सिरसा, फतेहाबाद जिले की तीनों सीटें फतेहाबाद, टोहाना और रतिया और जींद जिले की नरवाना विधानसभा सीटें पड़ती हैं।
2009 के लोकसभा चुनाव में इनेलो और भाजपा का गठबंधन था तो इनेलो उम्मीदवार डॉ. सीता राम को कालांवाली, ऐलनबाद, नरवाना में कांग्रेस के अशोक तंवर से ज्यादा वोट मिले थे जबकि तंवर को टोहाना, फतेहाबाद, रतिया, डबवाली, रानियां और सिरसा में सीता राम से ज्यादा वोट मिले थे।
लोकसभा चुनाव के बाद जब 2009 में विधानसभा चुनाव हुए तो इन नौ विधानसभा सीटों में से डबवाली, ऐलनाबाद, कालांवाली, रानियां, नरवाना और रतिया से इनेलो और सहयोगी उम्मीदवार जीते थे जबकि टोहाना से कांग्रेस, सिरसा और फतेहाबाद से निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। बाद में रतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस के अशोक तंवर हैं मैदान में
इस बार भाजपा का हजकां के साथ गठबंधन है तो इनेलो, बसपा अकेले मैदान में हैं। आम आदमी पार्टी भी मैदान में डटी है। कांग्रेस के डॉ. अशोक तंवर दोबारा मैदान में हैं। इनेलो ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है और चरणजीत सिंह को मैदान में उतारा है।
हजकां ने कांग्रेस से हजकां में शामिल हुए इनेलो के पूर्व सांसद सुशील इंदौरा को खड़ा किया है। सिरसा से निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा लोकसभा चुनाव में निष्क्रिय हैं।
मुकाबला कांग्रेस, इनेलो और हजकां उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी और बसपा मुकाबले को बहुकोणीय बनाने में जुटे हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव में यह रहा था परिणाम
2009
उम्मीदवार----------------पार्टी-------------वोट पड़े (फीसदी)
अशोक तंवर-------------कांग्रेस -------------42.35
डॉ. सीता राम-------------इनेलो-------------38.74
राजेश कुमार-------------बसपा-------------7.75
राजेंद्र प्रसाद-------------हजकां-------------4.66
2004
आत्मा सिंह गिल-------------कांग्रेस-------------41.31
डॉ. सुशील इंदौरा -------------इनेलो-------------33.02
महावीर प्रसाद-------------भाजपा-------------13.68
रैर चंद-------------------हविपा--------------5.47
पिछले लोकसभा चुनाव में परिणाम
1999
डॉ. सुशील इंदौरा----------इनेलो-------------65.98
ओमप्रकाश-------------कांग्रेस-------------31.40
1998
डॉ. सुशील इंदौरा ---------एचएलडी-------------42.33
कुमारी सैलजा-------------कांग्रेस-------------29.48
हंस राज-------------भाजपा-------------25.24
1996
कुमारी सैलजा-------------कांग्रेस-------------33.50
सुशील कुमार-------------समता-------------31.66
हंस राज-------------भाजपा-------------23.77
ऐसी स्थिति भी रही परिणामों की
1991
कुमारी सैलजा-------------कांग्रेस-------------42.92
हेत राम-------------जनता पार्टी-------------28.15
सखी राम-------------जनता दल-------------9.19
प्यारे लाल-------------भाजपा-------------6.54
रामशरण-------------हविपा-------------4.74
1989
हेत राम-------------जनता दल-------------49.80
मनी राम-------------कांग्रेस-------------43.52
सिरसा में यह है जातीय समीकरण
जाट-------------3,30,000
सिख/जट सिख-------------1,78,000
एससी बी-------------1,53,000
पंजाबी/अरोड़ा-------------1,00,000
वैश्य/बणिया-------------90,000
कुम्हार-------------74,000
मजहबी-------------59,000
खाती/लुहार-------------54,000
ब्राह्मण-------------50,000
वाल्मीकि-------------50,000
बिश्नोई-------------44,000
सिरसा में ऐसा भी है जातीय समीकरण
नायक/नाई-------------43,000
धानक-------------42,000
ओड़-------------34,000
राय सिख-------------30,000
बाजीगर-------------30,000
सैनी-------------25,000
बावरिया-------------18,000
सुनार-------------15,000
गुर्जर-------------9,000
अन्य-------------1,50,000
कुल-------------16,52,000