हरियाणा में करीब 17000 मतदान केंद्रों पर करीब 50, 000 सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। प्रदेश में 47829 हथियार अब तक जमा हो चुके हैं। यह जानकारी मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की 60 कंपनियां भी तैनात की जाएंगी। छह अन्य केंद्रीय बलों की कंपनियां मिलेंगी। सुरक्षा बलों के 50,000 जवानों के अलावा होमगार्ड जवान भी तैनात होंगे।
प्रदेश की सीमा के साथ अन्य स्थानों पर 461 नाके स्थापित किए जा चुके हैं। अब तक 10038 शराब की बोतलें जब्त हो चुकी हैं। चुनाव खर्च की जांच के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
आयकर विभाग को भी इसमें शामिल किया गया है। आयकर विभाग ने हरियाणा के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जिसका टोल फ्री नंबर 1800-180-2252 है।
उन्होंने बताया कि राज्य में चुनावों के दौरान चुनावी खर्च के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी इस टोल फ्री नंबर पर दी जा सकती है। हरियाणा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में भी टोल फ्री नंबर 1800-180-2047 स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि मतदान निष्पक्ष एवं पारदर्शी करवाने के लिए जिला पुलिस के साथ-साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और सुपरवाइजर अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी 8 से 10 मतदान केंद्रों पर नियुक्त होंगे और चुनाव में मतदान कैसा चल रहा है, के कार्य देखेंगे।
राज्य में अति संवेदनशील और संवेदनशील बूथों के बारे में उन्होंने बताया कि हरियाणा में अति संवेदनशील 343 बूथों को चुना गया है और 300 संवेदनशील बूथों को भी चुना गया है।
उन्होंने कहा कि यह इन बूथों का चुनाव प्रत्येक जिले और प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के अनुसार से किया गया है जिसमें पिछले मतदान को मद्देनजर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इन बूथों पर मतदान ठीक प्रकार से हो इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक और जिला उपायुक्त समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया है।
सोशल मीडिया पर नजर
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों द्वारा खोले गए खातों की जानकारी राज्य और जिला स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी को देनी होगी। सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों को विज्ञापन के संबंध में प्री-सर्टिफिकेशन करवाना होगा।
प्रत्याशी एक बार में नकद भुगतान केवल 20 हजार तक ही कर सकता है। रैलियों और बैठकों के दौरान चुनाव विभाग द्वारा उड़नदस्ता दल और वीडियोग्राफी टीम द्वारा निगरानी रखी जाएगी। यह टीम प्रत्याशी के खर्चों पर भी नजर रखेगी।
उन्होंने बताया कि शराब की थोक विक्रेता दुकानों पर सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए हैं और शराब की बिक्री पर निगरानी रखने के लिए पुलिस के साथ-साथ आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर जांच करने के लिए चेक पोस्ट भी स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि शराब के संबंध में साथ लगते राज्यों के आबकारी एवं कराधान विभाग के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है।