फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पटियाला के रण में फंसी हैं परनीत कौर

Sun, 30 Mar 2014 10:45 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
लगातार तीन बार पटियाला संसदीय सीट से शाही अंदाज में जीतने वाली परनीत कौर इस बार पटियाला के रण में फंसी नजर आ रही हैं। क्योंकि उनकी चुनावी कमान संभालने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह इस बार खुद अमृतसर से चुनाव लड़ रहे हैं।
विज्ञापन


वहीं, नाभा के विधायक साधू सिंह धरमसोत को भी फतेहगढ़ साहिब से टिकट दिया गया। दोनों नेताओं का अपने हलकों से बाहर होना कांग्रेस के लिए मुश्किल बन सकता है।
Trending Videos

विधायकों का कैप्टन से 36 का आंकड़ा

पटियाला संसदीय सीट के नौ विधानसभा हलकों में से पांच पर कांग्रेस काबिज है। पटियाला अर्बन से विधायक कैप्टन अमरिंदर और नाभा के विधायक धरमसोत इस बार पटियाला के रण से बाहर हैं।

बाकी विधायकों में पटियाला रूरल से ब्रह्म मोहिंद्रा, सनौर से लाल सिंह और नाभा के पूर्व विधायक रणदीप नाभा के साथ कैप्टन परिवार का छत्तीस का आंकड़ा रहा है। रणदीप नाभा ने कैप्टन के खिलाफ सबसे पहली मीटिंग बुलाई थी।

आमने-सामने घर होने के बावजूद ब्रह्म मोहिंद्रा के साथ कैप्टन परिवार के संबंध अच्छे नहीं रहे। अभी तक वह चुनाव में चले नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि जब कैप्टन उनके घर जाकर मनाएंगे तो वह साथ चलेंगे, लेकिन कितना साथ देंगे, यह पता नहीं।

लाल सिंह कर सकते हैं हंगामा

लाल सिंह ने प्रताप बाजवा के प्रधान बनने के बाद सबसे पहले कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोला था। पटियाला में हुए एक समागम के दौरान परनीत कौर और बाजवा की मौजूदगी में उन्होंने कैप्टन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली थी।

कुछ दिन पहले तक लाल सिंह कैप्टन के विरोध में ही नजर आ रहे थे, लेकिन परनीत कौर के टिकट का ऐलान होने के बाद सबसे पहली चुनावी मीटिंग लाल सिंह ने की। वह चुनाव में क्या गुल खिलाएंगे, यह किसी को नहीं पता।

परनीत कौर सिर्फ राजपुरा सीट को लेकर आश्वस्त हैं, यहां के विधायक हरदयाल कंबोज पूरी तरह प्रचार में जुटे हैं। बाकी चार सीटों घनौर, समाना, शुतराणा और डेराबस्सी में शिअद विधायक हैं।

डेराबस्सी में कांग्रेस कमजोर, तो शिअद बेहद मजबूत है। पिछली बार एनके शर्मा को कड़ी टक्कर देने वाले दीपइंदर सिंह ढिल्लों अब पटियाला से उम्मीदवार हैं।
विज्ञापन

दो दल लगातार बोल रहे हैं धावा

किला ध्वस्त करने में लगे अकाली
एक तरफ कांग्रेस कमजोर लग रही है तो दूसरी तरफ अकाली दल लगातार हमले बोल रहा है। इसी कड़ी में अकालियों ने पटियाला अर्बन के वार्ड से कांग्रेसी पार्षद जॉनी कोहली को शामिल कर लिया। निगम चुनाव में अकालियों की धक्केशाही के बीच भी जॉनी जीत गए थे। उनके जाने से कांग्रेस को नुकसान होगा।

आप उम्मीदवार भी बने मुसीबत
परनीत कौर एक तरफ अकालियों से टक्कर ले रही हैं। वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. धर्मवीर गांधी भी उनके लिए मुसीबत बन रहे हैं। डॉ. गांधी को सबसे ज्यादा समर्थन पटियाला अर्बन व रूरल हलकों से मिल रहा है। यही दोनों हलके कांग्रेस का गढ़ हैं। यहां से आप जितने भी वोट लेकर जाएगी, ज्यादा नुकसान कांग्रेस का ही होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें