जैसे ही चंडीगढ़ पहुंची एयरपोर्ट से लेकर पार्टी कार्यालय के अंदर तक पार्टी के ही लोगों ने विरोध किया। सेक्टर-33 में पार्टी कार्यालय से बाहर निकलने पर अनुपम खेर पर अंडा तक मारा गया जो उनके सीने पर लगा। इस पर पुलिस ने पप्पू शुक्ला सहित पांच अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया। उन्हें चार घंटे पुलिस हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारी ‘किरण खेर गो बैक’ के नारे लगा रहे थे। उनका कहना था कि खेर चंडीगढ़ की नहीं है।
भाजपा के झंडे लगीं गाड़ियों पर अंडे और पत्थर बरसाए
प्रदर्शनकारी सुबह से ही एयरपोर्ट चौक, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट, ट्रिब्यून चौक पर पहुंचना शुरू हो गए थे। एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर भी काफी देर जाम लगा रहा और हल्लोमाजरा में तो ट्रैफिक ठहर सा गया।
यहां करीब 200 असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। यहीं पर भाजपा के झंडे लगीं गाड़ियों पर अंडे और पत्थर बरसाए गए। स्थिति को नियंत्रण करने के लिए यहां पुलिस की व्यवस्था की गई थी पर वह भी स्थिति नहीं संभाल सके। करीब एक बजे जब प्रदर्शनकारियों को किरण खेर की गाड़ी नहीं मिली तो वे कमलम निकल लिए।
एयरपोर्ट पर किरण खेर को रिसीव करने पर भी दिखी सियासत
विरोध के कारण किरण खेर को एयरपोर्ट से थ्रीबीआरडी के रास्ते से लेकर पार्टी कार्यालय लाया गया। एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय पहुंचने पर किरण खेर का ढोल बाजे के साथ स्वागत हुआ। कुछ ही देर बाद कार्यकर्ता विरोध करने के लिए अंदर तक पहुंच गए।
एयरपोर्ट पर सत्यपाल जैन, संजय टंडन सहित अन्य पार्टी के नेता और कार्यकर्ता किरण खेर को रिसीव करने लिए पहुंचे थे। वहीं भाजपा नेता हरमोहन धवन न तो एयरपोर्ट पर आए और न ही पार्टी कार्यालय में।
...किरण खेल तो फूल है
किरण खेर के लिए पार्टी के संगठन मंत्री अजय जामवाल ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने पार्टी कार्यालय में पार्टी के समर्थन में नारेबाजी की। सत्यपाल जैन ने कहा कि किरण खेर ने चंडीगढ़ का नाम रोशन किया है।
खेर की चिंता मत करो। चिंता बकरे की करो। किरण खेल तो फूल है। किरण के ताया, चाचा, भांजे पर कोई आरोप नहीं है। वहीं चंडीगढ़ भाजपा प्रभारी आरती मेहरा ने कहा कि कांग्रेस हिली हुई है। उन्होंने कहा कि एक बार जिसे कमल का निशान मिल गया, उस पर अब विचार नहीं हो सकता।
भाजपा कार्यालय में जमकर हाथापाई
रात आठ बजे भाजपा कार्यालय में एक बैठक बुलाई गई। इसमें दो गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और जमकर हाथापाई हुई। भाजपा उम्मीदवार के विरोध के बाद भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को पहुंची खबर का बड़ा असर हुआ है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने चंडीगढ़ के बागी नेताओं को दो दिनों तक का मोहलत दिया है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी के बड़े नेता अपने आप को पार्टी के अनुशासन में नहीं रहे तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।