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यहां 9 बार कांग्रेस तो 3 बार बीजेपी काबिज रही

Sun, 23 Mar 2014 01:12 PM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला,चंडीगढ़
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करनाल लोकसभा सीट पर चुनाव लड़े उम्मीदवार जातीय समीकरणों में उलझ गए हैं। कुल 12 चुनाव में करनाल सीट कांग्रेस ने नौ बार और भाजपा ने तीन बार जीती।
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तीनों बार भाजपा का इनेलो या हविपा के साथ समझौता था। मुख्यंमत्री रहे भजनलाल एक बार यहां से सांसद बने थे और एक बार हारे। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रहे आईडी स्वामी दो बार जीते और दो बार हारे।

पंडित चिरंजी लाल शर्मा चार बार यहां सांसद बने और एक बार हारे। उनके बेटे कुलदीप शर्मा निर्दलीय लड़े। आजकल वे हरियाणा विधानसभा स्पीकर हैं।

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने यहां से दो बार किस्मत आजमाई मगर दोनों बार हार का मुंह देखना पड़ा।

इस बार विभिन्न जातियों के प्रत्याशी हैं

इस बार करना से चुनाव मैदान विभिन्न जातियों के प्रत्याशियों को उतारा गया है। मौजूदा सांसद अरविंद शर्मा तीसरी बार यहां से ताल ठोक रहे हैं। वे लगातार दो बार सांसद बन चुके हैं। ब्राह्मण समुदाय के हैं।

उनके मुकाबले पिछले चुनाव के खिलाड़ी और दूसरे नंबर पर रहे बसपा उम्मीदवार मराठा वीरेंद्र वर्मा हैं। वे रोड बिरादरी के हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में रोड समुदाय की काफी वोट है। इनेलो के जसविंदर सिंह संधू हैं। वे जट सिख हैं।

भाजपा ने एक अखबार के मालिक अश्विनी मिन्ना को मैदान में उतारा है। वे पंजाबी समुदाय के हैं। आप आदमी पार्टी की टिकट पर परमजीत सिंह भी मैदान में डटे हैं। कुल मिलकर जातीय समीकरणों वाला बहुकोणीय मुकाबला बन गया है करनाल सीट।

ये हैं उम्मीदवार

अरविंद शर्मा: कांग्रेस
अरविंद शर्मा दो बार सांसद बन चुकेहैं। तीसरी बार भी कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया है। यहां से पहले वे सोनीपत से निर्दलीय चुनाव जीत चुके हैं। वे अपने नौ साल के कार्यकाल में यहां कराए विकास कार्यों के अलावा ब्राह्मण बिरादरी के वोट बैंक के सहारे हैं।

मराठा वीरेंद्र वर्मा: बसपा
मराठा वीरेंद्र वर्मा करनाल लोकसभा क्षेत्र के स्थायी निवासी हैं। हरियाणा सरकार से रिटायर हुए अफसर हैं। उन्होंने एकता शक्ति पार्टी बनाकर उत्तर हरियाणा के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया था। करनाल जिले में रोड बिरादरी के काफी वोट हैं। बसपा का परंपरागत वोट बैंक का भी उन्हें फायदा मिलता है। पिछला चुनाव भी बसपा से लड़ा था और दूसरे नंबर पर रहे थे। कुछ समय पहले भाजपा में चले गए थे और दस दिन पहले बसपा में लौट गए।

ये भी हैं उम्मीदवार

जसविंदर संधू: इनेलो
जसविंदर संधू मूल रूप से कुरुक्षेत्र जिले के निवासी हैं। जट सिख हैं। करनाल में सिख समुदाय के अलावा इनेलो का परंपरागत वोट बैंक का फायदा उन्हें मिल सकता है। वे इनेलो सरकार में मंत्री रह चुके हैं। मगर करनाल सीट गठबंधन में भाजपा के पास रही है इसलिए इस सीट पर इनेलो का वोट बैंक अन्य सीटों के मुकाबले कम है। करनाल और पानीपत नगर निगम इस सीट का हिस्सा हैं और दोनों शहरों में इनेलो का वोट बैंक ग्रामीण क्षेत्र से कम होता है।

अश्विनी चोपड़ा: भाजपा
पंजाब केसरी दिल्ली के संपादक हैं। पंजाबी समुदाय की आवाज उठाते रहे हैं और पंजाबी समुदाय के नाम पर बने संगठन के बैनर तले हरियाणा में सक्रिय रहे हैं। मगर वे करनाल से बाहर के हैं। उनके टिकट का विरोध भाजपाई और हजकाईं कर रहे हैं। यह सीट पहले हजकां के खाते में चली गई थी और अब भाजपा के पास लौटी है। पंजाबी समुदाय की वोट  उन्हें मिलने के अलावा भाजपा का कैडर वोट उन्हें मिल सकता है मगर हजकां का वोट शायद ही उन्हें मिल पाए।

परमजीत सिंह: आप
परमजीत सिंह सिख हैं और राजनीति के नए खिलाड़ी हैं। अरविंद केजरीवाल के आंदोलन से प्रेरित होकर राजनीति में आए हैं। शिक्षित परमजीत सिंह व्यवसायी हैं। भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में अन्ना आंदोलन में सक्रियता से भाग लिया। उन्हें अपनी पार्टी के वोट बैंक का ही सहारा है। वैश्य समुदाय की वोट भी उन्हें मिल सकती है।

पिछले चुनाव में ये रहे परिणाम

2009
उम्‍मीदवार-------पार्टी-------पड़े वोट  
अरविंद शर्मा-------कांग्रेस-------3,04,698
2004
अरविंद शर्मा-------कांग्रेस-------3,18,948
आईडी स्वामी-------भाजपा-------1,54,186
1999
आईडी स्वामी -------भाजपा-------4,38,701
भजन लाल-------कांग्रेस------- 2,85,879
1998
भजन लाल-------कांग्रेस-------3,27,750
आईडी स्वामी-------भाजपा-------2,75,689

पिछले चुनावों में ये रहे परिणाम

1996
आईडी स्वामी-------- भाजपा--------3,38,013
चिरंजी लाल शर्मा--------कांग्रेस--------1,46,148
1991
चिरंजी लाल शर्मा--------कांग्रेस--------2,00,770
चश्मपाल सिंह--------जनता दल--------1,45,598
1989
चिरंजी लाल शर्मा--------कांग्रेस--------2,74,465
सुषमा स्वराज--------भाजपा--------2,65,792
1984
चिरंजी लाल शर्मा--------कांग्रेस--------2,47,063
देवी सिंह इंडियन--------कांग्रेस (जे)--------1,48,111
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पिछले चुनावों में ऐसे रहे परिणाम

1980
चिरंजी लाल शर्मा-------कांग्रेस-------1,51,786
सुषमा स्वराज-------भाजपा-------1,29,458
1977
भगवत दयाल-------बीडीएल-------3,40,961
जगदीश प्रसाद-------कांग्रेस-------64,125
1971
माधो राम-------कांग्रेस-------1,52,249
रामेश्वरा नंद-------जन संघ-------1,16,988
1967
माधो राम-------कांग्रेस-------1,68,204
रामेश्वरा नंद-------जन संघ-------1,68,001
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