लोकसभा चुनाव 2019 से पहले बीजेपी ने हरियाणा में प्रदेश भर के लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के जरिए सरकार गरीबों को साधने का सोच रही है। दरअसल, हरियाणा सरकार जल्द ही प्रदेश में करीब एक लाख नए बीपीएल कार्ड बनाने जा रही है।
सीएम हरियाणा मनोहर लाल के निर्देश पर इस पर तेजी से काम चल रहा है और इसके लिए विभिन्न विभागीय अफसरों की विशेष कमेटी भी गठित है। जो कि नए बीपीएल परिवारों को चिह्नित कर उन्हें बीपीएल कार्ड देने में अपनी अहम भूमिका निभाएगी। सरकार का मानना है कि सूबे में अब भी बहुत से परिवार ऐसे हैं, जो वाकई गरीब है।
लेकिन ये न तो अंत्योदय की श्रेणी में हैं और न ही बीपीएल में। इस वजह से ये गरीब लोग सरकार की विभिन्न परियोजनाओं से वंचित है। उधर, करीब पांच साल के भीतर प्रदेश में नए बीपीएल परिवारों का कोई सर्वे भी नहीं हुआ। लेकिन अब सरकार ने एक लाख नए बीपीएल कार्ड बनाने की तैयारी कर ली है।
ये विभाग करेंगे शहरों, गांवों में सर्वे
हरियाणा में अंत्योदय योजना के अंतर्गत एएआई राशन कार्डों की संख्या 248939 हैं। सेंट्रल और स्टेट बीपीएल राशन कार्ड 796837 हैं। जबकि ओपीएच कार्डों की संख्या 1599542 हैं। लेकिन अब सरकार एक लाख के करीब नए स्टेट बीपीएल कार्ड होल्डर बढ़ाना चाहती है। इसलिए ग्रामीण इलाकों में सर्वे की जिम्मेवारी हरियाणा ग्रामीण विकास और शहरों में शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय को सौंपी गई है। इसके अलावा फूड एंड सप्लाई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हेल्थ विकास, आंगनबाड़ी वर्कर्स इत्यादि इस सर्वे में सहयोग करेंगे।
केंद्र सरकार के मानकों का होगा अनुसरण
मनोहर लाल खट्टर
नए बीपीएल सर्वे के दौरान केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए मानकों का ही अनुसरण होगा। बीपीएल पात्रता के लिए परिवारों का आयकर दाता न होना, वाहन न होना, परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में न हो, मकान का पक्का न होना, परिवार के पास दो हेक्टेयर से ज्यादा असिंचित भूमि और एक हेक्टेयर से ज्यादा सिंचित भूमि न होना इत्यादि शर्तें शामिल रहेंगी।
विशेष कमेटी इसके लिए काम कर रही है। शहरों और गांव में इसके सर्वे के लिए विभागों की ड्यूटियां लगाई जा चुकी है। पुराने सर्वे में बहुत से पात्र लोग छूट गए हैं, उनकी सुध लेते हुए हरियाणा सरकार फिर से नए बीपीएल के लिए सर्वे करवा रही है।
- कर्णदेव कंबोज, राज्यमंत्री, खाद्य, आपूर्ति, उपभोक्ता मामले विभाग