हरियाणा के स्कूलों का दौरा करने के बाद डिस्पेंसरियों का निरीक्षण करने का ऐलान कर चुके दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के प्लान को देखते हुए सरकार सतर्क हो गई है। इससे पहले कि केजरीवाल डिस्पेंसरियों का रुख करें, स्वास्थ्य विभाग ने डिस्पेंसरियों में स्वास्थ्य सेवाएं चाक-चौबंद करने केलिए कमर कस ली है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज जहां केजरीवाल को जुबानी हमलों से घेरने में लगे हैं, वहीं उन्होंने विभागीय अधिकारियों के भी पेच कसे हैं। उन्होंने अधिकारियों को डिस्पेंसरियों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा की डिस्पेंसरियों के दौरे के दौरान विज कोई भी खामी केजरीवाल के हाथ नहीं लगने देना चाहते हैं। इसे देखते हुए उन्होंन उच्च अधिकारियों को व्यवस्था सुधार की मानीटरिंग का जिम्मा सौंपा है, साथ ही समय-समय पर फीडबैक देने को कहा है।
स्कूलों की खामियां सुधारने पर फोकस
उधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने भी केजरीवाल के स्कूलों का दौरा करने के बाद खामियां सुधारने पर फोकस किया है। सभी डीईओ-डीईईओ, बीईओ-बीईईओ को साफ निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में ढांचागत सहित सभी जरूरी सुविधाएं होना अनिवार्य है। बजट की कोई कमी नहीं है, सरकार की ओर से जारी राशि का सदुपयोग कर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करें। सरकार किसी भी सूरत में चुनावी साल में आम आदमी पार्टी को स्वास्थ्य और शिक्षा को मुद्दा बनाने नहीं देना चाहती।
हरियाणा में जमीन तलाश रहे केजरी: विज
स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज का कहना है कि केजरीवाल की दिल्ली में दुकान बंद हो चुकी है। इसलिए वह हरियाणा में जमीन तलाश रहे हैं। दिल्ली की डिस्पेंसरियों और स्कूलों की स्थिति हरियाणा से भी बदतर है। उधर, आम आदमी पार्टी केप्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि स्कूल-अस्पताल के मुद्दे पर हम घर-घर जा रहे हैं। हरियाणा को जात-पात और अन्य मुद्दों में उलझाए रखने वाली पार्टियों को भी अब स्कूल-अस्पताल की बात करनी पड़ रही है।