लोकसभा फिरोजपुर सीट के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो अकाली दल एक कदम कांग्रेस से आगे है। और दो बार हैट्रिक अकाली मार चुकी है। बसपा लगातार दो बार चुनाव जीती है उसके बाद दोबारा विजय हासिल करने में नाकाम रही है।
यहां से आजाद उम्मीदवार के तौर पर साल 1989 में ध्यान सिंह मंड ने विजयी हासिल की थी। इसके अलावा एडीएस पार्टी के उम्मीदवार ने वर्ष 1967 में जीत हासिल की थी। फिरोजपुर के लिए साल 2014 का चुनाव क्रिकेट मैच की तरह रौचक बना हुआ है।
यहां से कांग्रेस इस बार जीत हासिल करती है तो फिरोजपुर में अकाली-कांग्रेस बराबरी पर आ जाएगी। इस चुनावी क्रिकेट मैच को देखने के लिए फिरोजपुर के लोग बहुत उत्साहित हैं।
बराबरी के लिए कांग्रेस को जाखड़ पर उम्मीद
कांग्रेस की हाईकमान सोनिया गांधी ने विश्वास के साथ अपने खिलाड़ी सुनील जाखड़ को फिरोजपुर से लोकसभा चुनावी क्रिकेट मैच में अकाली दल के खिलाफ मैदान में उतारा है। जाखड़ काफी अनुभवी राजनीतिक खिलाड़ी हैं और पिता बलराम जाखड़ से भी काफी राजनीतिक गुण हासिल किए हैं।
दूसरी तरफ अकाली दल के खिलाड़ी शेर सिंह घुबाया हैं, ये विधानसभा व लोकसभा चुनावी पिच पर कांग्रेस से ही मैच जीत चुके हैं। पंद्रह लोकसभा चुनाव में फिरोजपुर से कांग्रेस पांच और अकाली छह चुनाव जीत चुकी हैं।
फिरोजपुर में साल 2014 का चुनाव क्रिकेट मैच की तरह बन चुका है। यदि जाखड़ जीतते हैं तो कांग्रेस फिरोपजुर में अकाली दल के बराबर पहुंच सकती है। इसके लिए जाखड़ कड़ी मेहनत करनी होगी।
पिछले कुछ सालों में फिरोजपुर में मत प्रतिशत
1957 में कांग्रेस ने 1,20,548 तथा सीपीआई ने 73,109 मत प्राप्त किए।
1962 में कांग्रेस ने 1,15,913 तथा जेएस ने 83,71 मत हासिल किए।
1967 में एडीएस ने 1,62,198 तथा कांग्रेस ने 1,49,558 मत प्राप्त किए।
1969 में अकाली दल ने 1,11,266 तथा कांग्रेस ने 58,509 मत प्राप्त किए।
1971 में कांग्रेस ने 1,60,813 तथा अकाली दल ने 1,07,887 मत हासिल किए
1977 में अकाली दल ने 1,79,894 तथा कांग्रेस ने 15955 मत प्राप्त किए।
1980 में कांग्रेस ने 3,08,915 तथा अकाली दल ने 1,14,701 मत प्राप्त किए।
फिरोजपुर में पिछले कुछ सालों के चुनाव परिणाम
1985 में कांग्रेस ने 2,09,835 तथा अकाली दल ने 1,66,479 मत हासिल किए।
1989 में आजाद उम्मीदवार ने 2,02,132 तथा कांग्रेस ने 1,69,282 मत प्राप्त किए।
1992 में बसपा ने 1,50,903 तथा कांग्रेस ने 1,49,607 मत हासिल किए।
1996 में बसपा ने 2,64,799 तथा कांग्रेस ने 2,04,887 मत प्राप्त किए।
1998 में अकाली दल ने 3,89,908 तथा बसपा-कांग्रेस (गठजोड़) ने 3,45,441 मत प्राप्त किए।
1999 में अकाली दल ने 3,00,236 तथा कांग्रेस ने 2,85,375 मत प्राप्त किए।
2004 में अकाली दल ने 3,57,102 तथा कांग्रेस ने 3,45,563 मत हासिल किए।
2009 में अकाली दल ने 4,50,900 तथा कांग्रेस ने 4,29,829 मत प्राप्त किए हैं।