अमृतसर से अकाली भाजपा के संयुक्त प्रत्याशी अरुण जेटली ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछा है कि जिस पार्टी के टिकट से वह चुनाव लड़ रहे हैं, उस पार्टी की दस साल की कारगुजारी के नाम पर वोट मांगने से उन्हें डर क्यों लग रहा है।
उनकी पार्टी की मुखिया व उनके युवराज विज्ञापनों में सरकार के कसीदे पढ़ रहे हैं तो फिर कैप्टन क्यों नहीं अपनी पार्टी के दावों को अमृतसर की जनता के सामने रखते। जेटली वीरवार को अटारी के गांव सोहियां खुर्द में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार ने दस साल में देश के गरीबों के लिए खर्च होने वाले लाखों करोड़ों रुपये पर घपलेबाजी की। दस साल में कांग्रेस ने देश की सुरक्षा को इतना कमजोर कर दिया कि छोटे-छोटे से मुल्क भी भारत को आंख दिखाने लगे हैं।
पाकिस्तान की हिम्मत इतनी बढ़ गयी कि हमारे सैनिकों के सिर काट कर ले गए। कांग्रेस सरकार ने सीमा पर बसे किसानों का हाल-बेहाल कर दिया। किसानों को मिलने वाले मुआवजे बंद कर दिए। दस साल की ऐसी निष्क्रिय सरकार अब किस मुंह से जनता से वोट मांग रही है।
जेटली ने वादा किया कि उनकी सरकार आने पर तारबंधी के पार पड़ती जमीनों के लिए बंद हुआ मुआवजा फिर से शुरू करवाया जाएगा। अटारी और अन्य ऐसे हलकों के किसानों के लिए विशेष प्रोत्साहन देने बारे विचार किया जाएगा।
इस मौके कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह राणिके ने भी जनसमूह को संबोधित करते कहा कि जेटली के रूप में हमें हिंदुस्तान की आने वाली सरकार में नंबर दो का नेता मिल गया है, जो अमृतसर की हर छोटी-बड़ी समस्या को हल करवा सकता है। इन्हें वोट देकर हम अमृतसर व अपने बच्चों का भविष्य संवार सकते हैं, जबकि दूसरी ओर कैप्टन जैसे उम्मीदवार को वोट देना अपना वोट बेकार करने के बराबर है।
इस अवसर पर रजिंदर मोहन सिंह छीना, डीपी चंदन, कंवल जगदीप सिंह, जोगिंदर पाल लाली, मखविंदर सिंह खापरखेड़ी, प्रमोद देवगन, बलकार सिंह बल, सुच्चा सिंह धर्मी फौजी, प्रभजोत सिंह, रीना जेतली, जगतार सिंह ढिल्लों, लाली माणिया, कुलवंत सिंह सबरा, जसवंत सिंह, यादविंदर सिंह मौजूद रहे।