योग गुरु बाबा रामदेव ने अमृतसर में हुए आपरेशन ब्लू-स्टार के लिए इंदिरा गांधी को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि 1984 में दरबार साहिब पर जो अटैक हुआ, उसे इंदिरा ने भोगा भी है। उन्हें उनकी करनी का फल मिल गया।
इस संबंध में अकाली भाजपा एवं कांग्रेस में चल रहे आरोप-प्रत्यारोप पर रामदेव ने कहा कि इसमें अकाली-भाजपा की भूमिका का सवाल ही नहीं उठता।
योग गुरु ने यह बात गांव बलौंगी स्थित चश्मेशाही रिसोर्ट में प्रेस वार्ता के दौरान कही। वह हलका श्री आनंदपुर साहिब के अकाली-भाजपा प्रत्याशी प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा के चुनाव प्रचार के लिए आए थे।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में लाखों करोड़ के घोटाले के सामने आए हैं। जिसमें में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर कांग्रेस के बड़े नेताओं के मुंह काले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सोनिया की तबियत नासाज है, तो शहजादा अभी खुद नादान हैं। ऐसे में अच्छे प्रधानमंत्री की उम्मीद सिर्फ नरेंद्र मोदी से ही की जा सकती है।
जुबान फिसली, कहा कि भाजपा सबसे भ्रष्ट पार्टी
प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अचानक सभी हैरान रह गए जब जल्दबाजी में योग गुरु की जुबान फिसली गई और कह डाला कि भाजपा सबसे भ्रष्ट पार्टी है। साथ ही उन्होंने कहा कि चूक हो गई, उन्हें कांग्रेस के बारे में कहना था।
सभी पार्टियों में थोड़ा बहुत भ्रष्टाचार तो होता है
उन्होंने माना कि पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार कुछ भ्रष्ट है। इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार तो हर जगह ही है, कहीं थोड़ा है, तो कहीं ज्यादा है। लेकिन कांग्रेस के टॉप लीडर्स ने भ्रष्टाचार के सभी रिकार्ड तोड़े हैं। उन्होंने सोनिया को लुटेरी बहू कहकर संबोधित किया।
राम मंदिर राजनीतिक मुद्दा नहीं
राम मंदिर पर पूछे गए सवाल पर वह बोले कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मुद्दा है, जिसे राजनीति से नहीं जोड़ा जा सकता।
नमो-नमो का मतलब बताया
मोदी नमो-नमो संबधी शंकराचार्य के विरोध के बारे में उन्होंने कहा कि वह शंकराचार्य के चरित्र के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं, लेकिन बोलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का शार्ट फार्म है न (नरेंद्र)+मो (मोदी)। इसमें क्या गलत है। जब हर-हर मोदी की बात पूछी तो उन्होंने चुप्पी साध ली।
भुल्लर मामले पर बोलने से बचे
जब आतंकी दविंदरपाल सिंह भुल्लर मामले में रामदेव से प्रश्न पूछा गया। तब अकाली नेताओं ने शोर मचाकर बात दबाने का प्रयास किया, इतने में बाबा ने कहा कि वह विवादास्पद मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते।