फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित होने के बावजूद 10 अप्रैल को मतदान वाले दिन मृतकों के नाम वोटर सूची से हटा दिए जाएंगे। यह जानकारी हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने दी।
उन्होंने बताया कि हालांकि 22 मार्च को प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है। इसके बावजूद कुछ मतदाता अपने स्थान से कहीं चले जाते हैं। कुछ वोटरों की मौत हो जाती है।
इसका पता तब पता चलता है जब जिला चुनाव अधिकारी कार्यालय की तरफ से घर-घर हर वोटर की फोटोयुक्त स्लिप देने के लिए सरकारी कर्मचारी पहुंचता है। इस फोटोयुक्त स्लिप देने के दो फायदे हैं।
पहला फायदा वोटर को फोटोयुक्त स्लिप मिल जाती है। जिसे वह मतदान केंद्र पर ले जाकर पीठासीन अधिकारी को दिखा सकता है। दूसरा फायदा उस वोटर के बारे में पता चल जाता है कि वोटर घर पर है या नहीं? स्थान छोड़कर कहीं और तो नहीं चले गए।
इसके अलावा किसी वोटर की मृत्यु तो नहीं हो गई? यह सूची कर्मचारी तैयार कर लेता है। जिला चुनाव अधिकारी यह सूची संबंधित पीठासीन अधिकारी को मतदान वाले दिन उपलब्ध कराएंगे। पीठासीन अधिकारी पोलिंग एजेंटों को उन वोटरों के नाम पढ़कर सुनाएंगे जिनकी सूची उस दिन मिलेगी।
अगर स्थान छोड़ चुके या गैरहाजिर रहे वोटरों में से कोई व्यक्ति वोट डालने आएगा तो उसकी फोटो ली जाएगी, उसका अंगूठा निशान लिया जाएगा, चाहे उसे हस्ताक्षर करने भी आते हों।
मतदान की तैयारियां पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने कहा कि 10 अप्रैल को होने वाले चुनाव के निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। प्रदेश में समाज विरोधी तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं और अंतरजिला सीमाओं पर नाके लगाए जाएंगे।
उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को अंतरराज्यीय सीमाओं का निरीक्षण करने को कहा गया है। केंद्रीय सशस्त्र बलों की कंपनियां फ्लैग मार्च कर रही हैं। चुनाव प्रक्रिया में स्टिल कैमरे, वीडियो कैमरे और वेब कास्टिंग का भी प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंतिम 48 घंटों के दौरान प्रत्याशियों द्वारा कोई चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
मतदाताओं को प्रभावित करने वाले व्यक्तियाें पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित क्षेत्रों में फलाइंग स्क्वायड गश्त करेंगे। जरूरत पड़ने पर ये दस्ते छापे भी मारेंगे। एग्जिट और ओपिनियन पोल के परिणाम के प्रकाशन और प्रसारण पर भी पाबंदी लगा दी है।
एग्जिट पोल के परिणाम के प्रसारण व प्रकाशन पर 7 अप्रैल सुबह सात बजे से 12 मई 6:30 बजे तक पाबंदी रहेगी। मतदान प्रक्रिया समाप्ति के 48 घंटे पहले से ओपिनियन पोल के परिणाम के प्रकाशन व प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा।