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नाराज हो गए हरियाणा के सिक्ख वोटर्स, जानिए क्यों

Sat, 05 Apr 2014 03:26 PM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/ अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित ने होने से सूबे के सिख नाराज हैं। हालांकि कांग्रेस ने दो बार यह कमेटी गठित करने का वादा किया मगर पूरा नहीं किया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रक्रिया शुरू भी की थी।
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चट्ठा कमेटी ने गठित करने की सिफारिश भी कर दी थी। मगर ऐन वक्त पर इसे टाल दिया। इसके लिए हरियाणा के सिख पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को मानते हैं।

अब पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने हरियाणा के सिखों को लालीपॉप दिया है। कांग्रेस के सूबा प्रधान अशोक तंवर ने भी सोनिया गांधी की सहमति बताकर सिखों का लालीपॉप दिया है। भाजपा-हजकां गठबंधन भी अलग कमेटी गठित करने पर पसोपेश में हैं।
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चट्ठा कमेटी को दिए थे शपथ पत्र

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक) के प्रधान जगदीश झींडा ने यह बीड़ा उठाया था। तब कांग्रेस ने हरियाणा के विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि अलग कमेटी बनाएंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तत्कालीन स्पीकर हरमोहिंदर सिंह चट्ठा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। चट्ठा कमेटी ने सिखों से शपथ पत्र मांगे।

करीब तीन लाख सिखों ने शपथ पत्र देकर अलग कमेटी गठित करने की मांग की। चट्ठा कमेटी ने सरकार को रिपोर्ट देकर कहा कि हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बननी चाहिए।

मुख्यमंत्री बादल ने डाला प्रधानमंत्री पर दबाव

कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर दबाव डाला कि यह कमेटी नहीं बननी चाहिए। एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने भी विरोध किया।

इनेलो नेताओं ने भी कहा कि यह सिखों का धार्मिक मामला है। इसमें सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने पंजाब के सीएम की बात रखते हुए हरियाणा में अलग कमेटी न बनने के लिए कह दिया। उसी दिन से चट्ठा कमेटी पर कानूनी राय लेने के लिए रिपोर्ट हरियाणा के एडवोकेट जनरल के पास लंबित है।

अब प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने घोषणा कर दी है कि वे अगले प्रधानमंत्री नहीं होंगे। इससे कांग्रेसी खुश हैं क्योंकि अलग कमेटी बनाने में सबसे बड़ा रोड़ा हट जाएगा। झींडा समेत अन्य पदाधिकारियों ने अशोक तंवर के सिरसा आवास के बाहर धरना दिया था। तब तंवर ने कहा था कि उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात हुई है और उन्होंने अलग कमेटी पर सैद्धांतिक सहमति दी है।

चुनाव देखते हुए सुखबीर बादल ने दिया लालीपॉप

दो दिन पहले जगदीश झींडा समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने अंबाला में 35 मिनट बात की। झींडा ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने डिप्टी सीएम से कहा कि हरियाणा की अलग कमेटी बननी चाहिए।

सुखबीर बादल ने कहा है कि वे एक कमेटी गठित कर देंगे। यह कमेटी झींडा और अन्य साथियों के साथ बैठकर बातचीत कर लेगी।

झींडा ने यह भी कहा कि सुखबीर बादल ने भरोसा दिया है कि हरियाणा के सिखों की समस्याओं का हल किया जाएगा। झींडा ने कहा कि अब देखते हैं कि सुखबीर बादल की कमेटी कितनी मांग हरियाणा के सिखों की मानती है।

सूबे में हैं छह लाख सिख वोटर

हरियाणा में 6.16 लाख सिख वोटर हैं। सिरसा में 2,67,000, अंबाला लोकसभा में 1,00,000, कुरुक्षेत्र में 81,000, करनाल में 1,01,000, फरीदाबाद में 29,000, गुड़गांव में 11,700, सोनीपत में 15,000, हिसार में 8600, भिवानी-महेंद्रगढ़ में 1700 और रोहतक में 900 सिख/जट सिख वोटर हैं।

मुख्य रूप से सिरसा, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा चुनाव प्रभावित करते हैं। इन सिख वोटरों पर सब दलों की निगाह रहती है।
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ये बोले सुखबीर बादल और जगदीश झिंडा

हरियाणा के सिख हितों की सुरक्षा की जिम्मेवारी हमारी है। हम हरियाणा के सिख नेताओं के विचारों का सम्मान करते हैं।
सुखबीर सिंह बादल, अध्यक्ष, शिरोमणि अकाली दल

कांग्रेस ने हमें झांसा देकर दो बार वोट बटोरी। चाहे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अलग कमेटी नहीं बनने दी, मगर हम इसके लिए कांग्रेस पार्टी को ही जिम्मेवार समझते हैं।
जगदीश झींडा, प्रधान, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक)
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