मौजूदा सांसद और पूर्व केंद्रीय रेल और संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल का नाम चंडीगढ़ से कांग्रेस के लोकसभा के उम्मीदावर के तौर पर लगभग तय हो गया है।
रविवार को नई दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पवन कुमार बंसल का नाम क्लीयर कर उसे हाईकमान के पास भेज दिया गया।
कांग्रेस के प्रवक्ता और सांसद पीसी चाको को दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। चाको की अध्यक्षता में हुई बैठक में बंसल के नाम को क्लीयर कर दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि अब बंसल के नाम की घोषणा मात्र औपचारिकता ही रह गई है। इस सप्ताह के अंत तक कांग्रेस आधिकारिक तौर पर बंसल के नाम की घोषणा कर देगी। ऐसे में बंसल चंडीगढ़ से सातवीं बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पहली बार उन्होंने 1991 में चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
इस बार चंडीगढ़ से बंसल के अलावा कांग्रेस के पांच और उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी जताई थी। इनमें कांग्रेस के
जिला अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने बाद में बंसल के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया था।
इनके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व डिप्टी मेयर भूपेंद्र सिंह बडहेड़ी, पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा, चमन लाल शर्मा और केवल राम ने भी चंडीगढ़ से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने की दिलचस्पी दिखाई थी। हालाकि बाद में चंडीगढ़ कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से बंसल के नाम पर ही सहमति बनी थी। कमेटी ने बंसल के नाम की सिफारिश के साथ स्क्रीनिंग कमेटी के पास बाकी के पांच उम्मीदवारों के नाम भी भेजे थे।
बंसल चार बार चंडीगढ़ के सांसद रह चुके हैं। वह 1999 से लगातार चंडीगढ़ के सांसद हैं। 1999 में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने 2004 और 2009 में भी चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव जीता था।
इससे पहले वह 1991 में भी चुनाव जीते थे। हालाकि 1996 और 1998 में वह चुनाव हार गए थे। इससे पहले बंसल 1984 से 1990 तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे थे।