चंडीगढ़ स्तिथ पंजाब कला भवन में पंजाब के लोक गीत और लोक नृत्य भंगड़ा, लुड्डी और झूमर देखने को मिला। इस कार्यक्रम का आयोजन पंजाब संगीत नाटक अकादमी की और से इंटरनेश्नल फोक कल्चरल क्लब के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में 10 से लेकर 55 साल तक के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत लोक गीत पता नी रब्ब केहडि़या रंगां विच्च राजी से हुई, जिसे अर्शवीर सिंह और निर्मल सिंह ने गाया। इसके बाद राजवीर सिंह, सतिंदर सिंह, और सुरमुख सिंह ने लोक गीतों का गायन किया। आधे घंटे की इस प्रस्तुति के बाद 10 से 14 वर्ष के बच्चों ने पंजाबी लोक नृत्य भंगड़ा पेश किया। इस 8 मिनट के लोक नृत्य को देवराज सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजवीर सिंह, सुखराज सिंह, अमरिंदर, सुखविंदर, नरेंद्र सिंह और हरप्रीत सिंह ने पेश किया।
इसके बाद 6 मिनट की अवधि वाला पंजाबी लोक नृत्य लुड्डी पेश किया गया। जिसमें परमिंदर सिंह, लवप्रीत सिंह, वनीतपाल, जतिंदर पाल और गुरप्रीत सिंह चाहल ने भाग लिया। लुड्डी के बाद 18 से 25 वर्ष के लड़कों ने भंगड़ा पेश किया। 8 मिनट की अवधि वाले इस फोक डांस को जशनप्रीत सिंह, मनमीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, कुनाल, अनमोल दीप सिंह, अंबर और सिमन ने पेश किया।
भंगड़े के बाद 50 वर्ष के उपर के पुरुषों ने झूमर पर प्रस्तुति दी। जिनमें स्वरन सिंह, गुरमीत सिंह, दर्शन गिर, स्वरन सिंह चन्नी, सरबजीत सूबा, बलवीर सिंह, सुरिंदर सिंह संधू और अमनदीप सिंह ने अपने हुनर को मंच पर पेश किया। निर्देशक अजीत सिंह ने बताया कि 24 जून से 10 जुलाई तक की वर्कशॉप में इन कलाकारों ने जो सीखा रविवार को मंच पर उसकी प्रस्तुति दी।