लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग की नजर नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी रहेगी। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रत्याशी चुनाव में किस तरह से प्रचार कर रहा है। प्रत्याशियों के प्रचार का तरीका कहीं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं कर रहा है। इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निर्वाचन आयोग की एक खास टीम तैयार है। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संदर्भ सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
डोर-टू-डोर संपर्क के अलावा आज प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया को अपने प्रचार का सशक्त माध्यम बना रखा है। संभावित दावेदारों ने तो सोशल मीडिया पर अपना प्रचार अभियान शुरू भी कर दिया है। प्रचार के इन्हीं तरीकों पर इस बार आयोग की पैनी नजर रहेगी।
इसी के चलते इस बार मुख्य निर्वाचन आयोग ने सभी प्रत्याशियों को ये आदेश दिए हैं कि वे अपने नामांकन पत्र के साथ-साथ अपने सोशल मीडिया अकाउंट की भी तमाम जानकारियां नामांकन के समय उपलब्ध करवाएंगे। उन्हें बताना होगा कि उनका व्हाटसएप किस नंबर पर है, वह अपना ईमेल एड्रेस, ट्विटर, इंस्टाग्राम इत्यादि सोशल मीडिया अकाउंटस किस यूजर्स नेम के साथ ऑपरेट कर रहा है।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि इस बार उम्मीदवार को नामांकन पत्र में अपने सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी देनी होगी, जिससे सोशल मीडिया पर आयोग की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी किसी प्रकार के विज्ञापन को जारी करने के लिए एमसीएमसी का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है।