पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा।
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‘इंडिया’ को रूप में राष्ट्रीय स्तर पर 26 राजनीतिक दलों के गठबंधन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के साथ आने से, पंजाब की सियासत में मची हलचल पर पंजाब आप ने विराम लगा दिया है। हालांकि आप के सीनियर नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सांकेतिक शब्दों में साफ कर दिया कि कांग्रेस को लेकर आप में मतभेद नहीं है।
उन्होंने कहा कि परस्पर मनमुटाव दूर करके ही ‘इंडिया’ गठबंधन हुआ है। छोटे-मोटे मनमुटाव और मतभेद दूर करके बने इस गठबंधन का उद्देश्य भी बहुत बड़ा है।
पंजाब में आगामी लोकसभा चुनाव कांग्रेस और आप के मिलकर लड़ने के बारे में पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री चीमा ने सोमवार को कहा कि प्रमुख विपक्षी दलों का ‘इंडिया’ गठबंधन हो चुका है और लोकसभा चुनाव में सभी दल एक-साथ मिलकर और पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
दोनों दलों के बीच पंजाब में चुनावी गठजोड़ की चर्चा अभी से शुरू हो चुकी है। पंजाब में कांग्रेस के आप को लेकर तल्ख तेवरों और अपने हाईकमान से बार-बार गठजोड़ न करने की मांग का जिक्र करने पर चीमा ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े मकसद से किया गया है और इसके लिए परस्पर छोटे-मोटे मनमुटाव दूर कर लिए गए हैं।
दूसरी ओर, पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अब तक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकमान द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फैसले के बाद पंजाब के कांग्रेस नेताओं में आप के प्रति नरमी आई है और राज्य सरकार के खिलाफ अब तल्ख टिप्पणियां और बयान सामने नहीं आ रहे हैं।
कांग्रेस के सीनियर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा जोकि आप नेताओं का मुंह देखने को भी तैयार नहीं थे और दिल्ली जाकर हाईकमान से मांग कर आए थे कि आप के साथ पार्टी कोई सरोकार न रखे, आजकल खामोशी साधे हुए हैं।