जब केजरीवाल का काफिला संघेडा से गांव कर्मगढ़ के पास पहुंचा तो वहां 50 युवकों ने काली झंडियां दिखाकर उनका विरोध किया। वह आरोप लगा रहे थे कि सांसद भगवंत मान ने उन पर झूठा मामला दर्ज करवाया हुआ है। केजरीवाल ने नशे के नाम पर प्रदेश को बदनाम कर अब बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से माफी मांग ली है।
इसके अलावा भगवंत मान अनेक गांवों में नहीं गए और सर्वसम्मति से चुनी पंचायतों को किए वादे के मुताबिक पांच-पांच लाख रुपये नहीं दिए गए। बड़ी मुश्किल से पुलिस फोर्स ने नौजवानों को हटाकर केजरीवाल के रोड शो को आगे बढ़ाया और उसके बाद रोड शो जिला संगरूर में दाखिल हो गया। इस अवसर पर विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर, विधायक कुलवंत पंडोरी मौजूद थे।
केजरीवाल और भगवंत मान दोनों धोखेबाज : गुरप्रीत घुग्गी
कांग्रेस के उम्मीदवार केवल सिंह ढिल्लों ने केजरीवाल का प्रभाव कम करने के लिए अपने प्रचार के लिए आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रधान गुरप्रीत सिंह घुग्गी को जनसभाएं करने के लिए जुटा रखा। घुग्गी ने जनसभा में कहा कि पीएम मोदी की तरह भगवंत मान ने भी अपने भगत ही बनाए हैं। मान ने लोगों को गुमराह किया है। केजरीवाल की नजर पंजाब के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने आप को चार सांसद दिए पर पंजाब के लोगों के जज्बातों की कदर न करते हुए इन्होंने लोगों के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल व भगवंत मान मिले हुए हैं।