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अमेठी से राहुल गांधी हारे, क्या नवजोत सिद्धू लेंगे राजनीति से संन्यास, दावे पर उठे सवाल

Fri, 24 May 2019 02:11 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Navjot Singh Sidhu - फोटो : file photo
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कांग्रेस के स्टार कैंपेनर नवजोत सिंह सिद्धू ने देशभर में पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने के दौरान ऐलान किया था कि अगर इस लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी अमेठी सीट से हार गए तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।

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गुरुवार को चुनाव परिणामों की घोषणा में राहुल गांधी की अमेठी से हार को देखते हुए अब सवाल खड़ा हो गया है कि क्या सिद्धू राजनीति से संन्यास लेंगे?  सिद्धू ने यह बयान अमेठी से भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के उस बयान पर दिया था, जिसमें ईरानी ने राहुल को कड़ी चुनौती देने की बात कही थी। 

इस लोकसभा चुनाव के दौरान सिद्धू कांग्रेस के स्टार कैंपेनर रहे और उन्होंने जनसभाओं में भीड़ भी जुटाई लेकिन इस लिहाज से कांग्रेस को वोट नहीं मिल सके। यानी स्टार कैंपेनर के तौर पर सिद्धू बहुत अधिक प्रभावी नेता साबित नहीं हुए। सिद्धू ने देशभर में 56 लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करते हुए पार्टी के लिए प्रचार किया लेकिन कांग्रेस को जीत केवल 7 सीटों पर ही मिल सकी। 

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Navjot Singh Sidhu - फोटो : file photo
सिद्धू ने पार्टी के प्रचार अभियान के दौरान असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में चुनाव सभाएं कीं। कांग्रेस को सिद्धू के प्रचार वाली केवल- किशनगंज (बिहार), कोझिकोड (केरल), वडकारा (केरल), वायनाड (केरल), छिंदवाड़ा (एमपी), रायबरेली (यूपी), वेस्ट सिंहभूम (झारखंड) सीटों पर ही जीत हासिल हुई। 

इसके उलट, पंजाब में बठिंडा सीट पर तो सिद्धू के विवादास्पद बयानों को कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। बठिंडा में सिद्धू आए तो कांग्रेस प्रत्याशी राजा वड़िंग के समर्थन में प्रचार करने थे, लेकिन उन्होंने चर्चा बादल परिवार और कैप्टन अमरिंदर सिंह के संबंधों की छेड़ दी और यहां तक कह डाला कि बेअदबी के मामलों पर पंजाब सरकार ने अब तक बादलों को जेल में नहीं डाला और बादलों व कैप्टन के बीच फ्रेंडली मैच चल रहा है। 

सिद्धू ने मुख्यमंत्री को ही चुनौती दे डाली कि अगर बादलों के खिलाफ कार्रवाही नहीं हुई तो वे मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि अब तक न तो सिद्धू ने प्रदेश सरकार में मंत्री पद ही छोड़ा है और अमेठी में राहुल गांधी की हार को लेकर राजनीति से संन्यास का ही एलान किया है।
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