पंजाब में लोकसभा चुनाव-2019 निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी कड़ी में थाने में जाकर हथियार जमा कराने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस संबंध में सभी जिला उपायुक्तों और एसएसपी को दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। लेकिन खास बात यह भी है कि चुनाव प्रक्रिया के एक हिस्से के रूप में उठाए जाने वाले इस कदम पर पंजाब में कभी भी पूरी तरह अमल नहीं किया जा सका है।
हाल में हुए पंचायत चुनाव के दौरान भी राज्य चुनाव अधिकारी की ओर से लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश दिए गए थे, लेकिन राज्य पुलिस सभी लाइसेंसी हथियार जमा कराने में असफल रही। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के लोगों के पास 3.61 लाख लाइसेंसी हथियार हैं। पंचायत चुनाव के दौरान जब हथियार जमा कराने की बात आई तो राज्य पुलिस की पूरी कोशिशों के बाद भी केवल 2.04 लाख हथियार ही थानों में पहुंचे थे।
हालांकि आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित लाइसेंस धारक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती थी, लेकिन राज्य पुलिस का रुख इस मामले में काफी नरम रहा और कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।