हरियाणा में लोकसभा चुनाव से पहले कई सियासी दल गठबंधन के गणित से जीत की राह ढूंढ रहे हैं। यदि गठबंधन हो जाता है, तो प्रदेश में लोकसभा चुनाव रोमांचक हो जाएगा। राजनीतिक मामलों के जानकार जेएस नैन कहते हैं कि गठबंधन हो जाने के बाद इन दलों को कमतर नहीं आंका जा सकता और मुकाबला भी एकतरफा नहीं रहेगा। उनके अनुसार इस गठबंधनों से हर सीट पर नए समीकरण बनेंगे।
राजनीतिक दलों को लगता है कि यदि वे गठबंधन के साथ इस चुनाव समर में उतरते हैं तो जीत उनके लिए आसान हो सकती है। लेकिन गठबंधन की ये संभावनाएं क्या गुल खिलाएंगी, वह फिलहाल भविष्य की गर्त में है। इस समय कई दल गठबंधन की सियासत के साथ आगे बढ़ने की पूरी जोर आजमाइश में जुट हुए हैं। गठबंधन की इस सियासत में एक पैंतरा दो दिन पहले इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला चल चुके हैं।
अपने अनुभव के बूते इनेलो सुप्रीमो ने एक तीर से दो निशाने साधते हुए एक पाती के जरिए भाजपा से गठबंधन करने के संकेत दिए हैं। पाती उनके पोते करण चौटाला ने सार्वजनिक की। उनका यह कदम अपना वजूद कायम रखने को जूझ रही इनेलो के लिए जहां ‘संजीवनी’ साबित होगी, वहीं यह गठबंधन जजपा और कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा। इसके साथ ही भाजपा को हरियाणा में और मजबूती दे सकता है। लेकिन अभी तक प्रदेश भाजपा के नेता इस ऑफर को मानने को तैयार नहीं है।
आम आदमी पार्टी की कांग्रेस, जजपा से गठबंधन चाहती है
हरियाणा में अपनी किस्मत अजमाने उतरी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी चाहती है कि सूबे में वह जननायक जनता पार्टी और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़े, ताकि भाजपा को पटकनी दी जा सके। आप से गठबंधन के लिए जजपा को तो ज्यादा परेशानी नहीं है, लेकिन जजपा इस गठबंधन में कांग्रेस को अपना भागीदार नहीं बनाना चाहती। उधर, दिल्ली में भी आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अटकलें चल रही हैं। यदि दिल्ली में यह गठबंधन हो गया तो हरियाणा में भी इस गठबंधन की संभावनाएं और प्रबल हो जाएंगी।
लोसुपा का बसपा से गठबंधन
भाजपा से बागी सांसद राजकुमार सैनी की नई पार्टी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) हरियाणा में बसपा से गठबंधन करने में कामयाब हो गई है। बसपा ने हाल ही में चौटाला कुनबे में दरार आने के बाद इनेलो का दामन छोड़ा है। लेकिन अब लोसुपा-बसपा के नेता चाहते हैं कि हरियाणा में इस गठबंधन को और मजबूत किया जाए। इसके लिए लोसुपा-बसपा जहां शिअद को भी गठबंधन का ऑफर दे चुकी है, वहीं लोसुपा हरियाणा में जजपा को भी अपना साथी बनाना चाहती है।
जजपा को इसके लिए न्योता भी दिया जा चुका है। लेकिन जजपा नेता दुष्यंत चौटाला कहते हैं कि इसके लिए जजपा की तीन सदस्यीय कमेटी बनी हुई है, वही गठबंधन से संबंधित हर फैसला लेगी। दूसरी ओर, हरियाणा शिवसेना ने भी चुनाव से पहले अपनी समान विचारधारा वाले दल को समर्थन देने का संकेत दिया हुआ है।