लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर को आड़े हाथों लिया। पीएम ने कहा कि याद रखिए कि जब गुजरात के चुनाव थे तो नामदार के खास और इनकी सरकार में मंत्री रहे एक नेता ने कह दिया मोदी तो नीच है। इस पर गुजरात में तूफान खड़ा हो गया।
इस बयान पर कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकालकर ड्रामा किया और फिर कुछ दिन बाद वापस ले लिया। गुजरात में जिसने गालियां दी और मेरे लिए अत्यंत खराब शब्द प्रयोग किए, उन्होंने कल फिर वही बात कही जो उन्होंने उस समय बोली थी। अब तो वह यह ताल ठोक कर कहने लगे हैं कि उन्होंने जो गाली दी वह गलत नहीं थी। नामदार के साथियों ने इसी अहंकार के साथ देश पर शासन किया है।
पंजाब चुनाव के बाद फिर अपने गुरु को गले लगा लेंगे नामदार
जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 84 के सिख विरोधी दंगों पर विवादित बयान देने वाले सैम पित्रोदा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि नामदार (राहुल गांधी) के गुरु जी ने 84 के सिख दंगे पर कहा था कि हुआ तो हुआ। आप समझ सकते हैं कि वो किसकी बोली बोल रहे हैं। मैं दावे के साथ कहता हूं कि अगर आज पंजाब में चुनाव न होते, तो नामदार अपने उस गुरु को एक शब्द भी नही कहते।
देख लेना पंजाब चुनाव के बाद अपने गुरु को फिर से गले लगाकर आगे चल पड़ेंगे। मालूम हो कि सैम पित्रोदा ने सिख दंगों पर दिए गए अपने बयान में हुआ तो हुआ कहा था, जिसकी राहुल गांधी ने निंदा की थी और कहा था कि सैम पित्रोदा का यह बयान शर्मनाक है।