सभी सियासी दल महिलाओं को हर क्षेत्र में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की हिमायत कर रहे हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों के मामले में पंजाब पिछड़ गया है। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर स्थानीय निकाय में महिलाओं के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण का एलान किया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान राजनीति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा कर रहे हैं।
कांग्रेस ने शुरुआत में यह संतुलन बैठाने को माथापच्ची भी की थी। इसके तहत पंजाब से तीन महिलाओं को टिकट देने की योजना बनाई गई थी। लेकिन आखिरकार सिर्फ एक ही महिला को टिकट दिया गया। परनीत कौर पटियाला से चुनाव मैदान में हैं। शिरोमणि अकाली दल ने दो महिलाओं को टिकट दिए हैं। हरसिमरत कौर बादल बठिंडा और जागीर कौर खडूर साहिब से चुनाव लड़ रही हैं।
आम आदमी पार्टी और पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस ने भी एक-एक उम्मीदवार उतारा है। आप से बलजिंदर कौर बठिंडा और पीडीए से परमजीत कौर खालड़ा खडूर साहिब से चुनावी मैदान में हैं। पहली बार भाजपा से गुरदासपुर में महिला को टिकट की उम्मीद थी, लेकिन कविता खन्ना का टिकट कट गया। पांच महिला उम्मीदवारों में से दो जगह ये खुद ही आमने-सामने हैं। 2014 में प्रमुख पार्टियों से पांच महिलाएं लड़ी थीं।
कांग्रेस-शिअद ने दो-दो और आप ने एक महिला को टिकट दिया था। जिनमें से सिर्फ एक हरसिमरत कौर बादल ही संसद पहुंच सकी थीं।