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लोकसभा चुनाव 2019: गठबंधन पर नहीं बनी बात, तो हरियाणा में ‘एकला चलो’ के मूड में अकाली दल

Wed, 03 Apr 2019 02:49 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Sukhbir Badal
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गठबंधन पर बात ही नहीं बनी, इसलिए हरियाणा में इनेलो का साथी रहा पंजाब का शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अब सूबे में ‘एकला चलो’ के मूड में है। चौटाला कुनबे में कलह के बाद शिअद ने यह कहते हुए इनेलो से दूरी बना ली है कि या तो इनेलो-जजपा फिर से एक हो जाएं, अपितु इस विवाद में शिअद उनके साथ अपना सियासी कदमताल जारी नहीं रख पाएगा।
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इनेलो से दूरियों के बाद शिअद ने हरियाणा में भाजपा से नजदीकियां बढ़ानी शुरू की, क्योंकि पंजाब में शिअद पहले से ही भाजपा का साथी है। मगर हरियाणा भाजपा की ओर से भी शिअद के प्रस्ताव पर कोई जवाब न आने से पार्टी सूबे में अकेले ही आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए हरियाणा के शिअद नेता अकाली दल के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव भी बना रहे हैं।

लोकसभा में दो, विधानसभा में 15 सीटें चाहता है शिअद
हरियाणा में पंजाब से सटे जिलों अंबाला, पंचकूला, कैथल, जींद, फतेहाबाद व सिरसा में शिअद का अच्छा खासा प्रभाव है। पिछले लोकसभा में शिअद ने इनेलो के साथ मिलकर सिरसा और हिसार की सीटें भी जीतीं थीं। जबकि विधानसभा में कालांवली सीट से शिअद का एक विधायक भी जीता। मगर अब शिअद की ओर से हरियाणा में इनेलो के बजाय भाजपा से नजदीकियां बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, इसके लिए शिअद ने भाजपा से हरियाणा में कुरुक्षेत्र व सिरसा और विधानसभा में 10 से 15 सीटें देने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए मुख्यमंत्री से भी शिअद नेताओं की बातचीत हुई। लेकिन अभी तक हरियाणा भाजपा की ओर से शिअद की इस पेशकश का कोई जवाब नहीं दिया गया है।
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सिरसा, कुरुक्षेत्र में ताल ठोकने की तैयारी

ऑल इंडिया शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़ ने बताया कि हरियाणा के शिअद नेताओं ने कुछ सीटों पर अकेले लड़ने की इच्छा जताई है। इसके लिए शिअद की हरियाणा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भी हो चुकी है। जिसमें सिरसा सीट पर कालांवली से विधायक बलकौर सिंह को प्रत्याशी बनाने और कुरुक्षेत्र सीट से प्रितपाल सिंह चबर व कंवलजीत अजराना के नाम पर चर्चा की गई है। अंबाला और फरीदाबाद सीट पर भी चुनाव लड़ने का विचार है, जिसके लिए चेहरों की तलाश की जा रही है।

ठीक है, शिअद पंजाब में भाजपा का साथी है। लेकिन हरियाणा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की नीतियां व छवि के चलते भाजपा खुद में खासी सक्षम है। दूसरा, भाजपा पहले भी इस बात को साफ कर चुकी है कि प्रदेश में भाजपा लोकसभा और विधानसभा अकेले अपने बूते पर ही चुनाव लड़ेगी।
- संजय शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
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