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मेट्रो रेल और मोनो रेल पर कही बड़ी बात, बताया अपना विजन, पढ़ें पवन बंसल का विशेष साक्षात्कार

Wed, 15 May 2019 06:18 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल
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कांग्रेस प्रत्याशी पवन कुमार बंसल ने भाजपा सांसद किरण खेर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी चहेती एक कंपनी को मोनो रेल का ठेका दिलाना चाहती हैं। इसलिए शहर में मेट्रो को एंट्री नहीं मिल पा रही है। शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है, इसके लिए भी किरण खेर जिम्मेदार हैं।

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बंसल बोले कि वे शहर के किसी भी मुद्दे पर खेर से बहस के लिए तैयार हैं। वे जहां चाहें आ जाएं। शहर से जुड़े कई मुद्दों पर उन्होंने अमर उजाला के संवाददाता अनुभव अवस्थी और नीरज कुमार से खुलकर बातचीत की। 

1- आपने कई चुनाव लड़े हैं। इस बार कितनी मेहनत करनी पड़ रही है।
हर चुनाव में मेहनत करनी पड़ती है। इस बार भी करनी पड़ रही है। लेकिन स्प्रिट ऑफ डेमोक्रेसी खत्म हो रही है। चुनाव आयोग ने रेट अधिक तय किए हैं। जब नामांकन करने गए तो चुनाव आयोग ने प्रति कार 1500 रुपये खर्च डाल दिया। नामांकन में 250 कारें थीं। दो घंटों के लिए क्या कार का किराया 1500 रुपये है? झंडा लगाने पर नोटिस भेज दिया जाता है। रोजाना तीन नोटिस आ रहे हैं। नोटिस के जवाब में फंसे रहते हैं।
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2- स्वच्छता, ट्रैफिक और हेल्थ में आपका क्या प्लान है।
स्वच्छता में चंडीगढ़ सिरमौर रहा है। कभी नंबर वन भी हुआ करता था। लेकिन अब फिसलकर 20वें नंबर पर पहुंच गया है। मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि सिटीब्यूटीफुल के पुराने गौरव को वापस लौटाऊं। इस दिशा में ठोस काम करूंगा। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में पूरी ताकत झोंक दूंगा। ट्रैफिक के लिए मेट्रो लाएंगे। इसके लिए मैं पूरी तरह से वचनबद्ध हूं। हेल्थ में प्राथमिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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3- किरण खेर का कहना है कि मेट्रो से भला नहीं हो सकता, आप का क्या कहना है।

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मेट्रो ही ट्रैफिक के लिए बेहतर है। प्रशासन ने मेट्रो को खारिज नहीं किया है और न ही मोनो रोल को स्वीकृति दी। मेट्रो से ट्रांसपोर्ट सिस्टम आसान होगा। एक लाख 70 हजार गाड़ियां बाहर से चंडीगढ़ में आती हैं। मेट्रो आएगी तो इन गाड़ियों की एंट्री पर लगाम लग पाएगी।

4- लेकिन दस साल में मेट्रो सिर्फ फाइलों में उलझी रही।
शहर को मास रैपिड ट्रांसपोर्ट चाहिए। इसके लिए एक्सपर्ट से राय ली गई तो मेट्रो को सही बताया। उसके बाद बात आगे बढ़ी। पंजाब और हरियाणा ने भी अपने हिस्से के खर्च की हामी भरी। डीएमआरसी ने डीपीआर बनाई। सब कुछ हो गया। यहां तक कि मिट्टी की जांच तक की गई।

तत्कालीन गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी और यहां तक की तत्कालीन शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा था कि मेट्रो चाहिए, लेकिन किरण खेर ने अचानक कहा कि मेट्रो नहीं चाहिए। दरअसल वे अपनी एक चहेती कंपनी को मोनो रेल का ठेका दिलाना चाहती हैं, इसलिए शहर में मेट्रो को एंट्री नहीं मिल पा रही है।

5- धवन कहते हैं कि आप उन्हीं मुद्दों पर वोट मांग रहे हैं, जिन पर 1999 में वोट मांगा था।
हरमोहन धवन की बातों को गौर नहीं किया जाना चाहिए। धवन बताएं कि 15 वर्ष से कहां थे। चुनाव आते ही वे एक्टिव हो जाते हैं। वे तो एक पार्टी से दूसरे पार्टी में जाने के माहिर हैं।
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6- राहुल गांधी ने मेड इन चंडीगढ़ की बात कही। इसका क्या मतलब निकाला जाए।

चंडीगढ़ से 160 इंडस्ट्री पलायन कर गईं हैं। उनका कहना था कि वे आईटी सेक्टर को बढ़ाएंगे। मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बढ़ाएंगे। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि चंडीगढ़ के लोगों को स्कीम के तहत जो मकान दिए गए हैं उनका मालिकाना हक देंगे। इस पर हरमोहन धवन या किरण खेर को एतराज है क्या। भाजपा बताए कि उसने कौन से मकान दिए हैं।

7- यदि आप जीतते हैं तो पहले 100 दिन में क्या काम करेंगे।
चुनाव जीतने पर चंडीगढ़ को फंड की कमी नहीं होने देंगे। हमारे समय में 913 करोड़ का प्लान बजट था, जो घटकर 404 करोड़ रह गया है। बजट बढ़ाएंगे। स्लम फ्री करेंगे। सबको मकान देंगे।

8- आपका पूरा परिवार चुनाव में हैं, घर की जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है।
सभी लोग चुनाव में लगे हैं। परिवार के सदस्य में पत्नी मधु बंसल, बेटा अमित बंसल और मनीष के अलावा बहू मोनिका और शाइना भी लगी हैं। हमारे परिवार के सभी लोग मिलकर घर की जिम्मेदारी संभालते हैं। रिश्तेदार भी आए हुए हैं। जो परिवार की मदद कर रहे हैं।
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