लोकसभा चुनाव 2019 में मतदाताओं को जारी की जाने वाली फोटो मतदाता पर्ची ही सिर्फ वोट करने के लिए मान्य नहीं होगी। क्योंकि यह किसी प्रकार का पहचान पत्र नहीं है। मतदाता इस पर्ची को लेकर वोट तभी दे सकेगा, जब उसके पास अधिकृत फोटो पहचान पत्र होगा। इस संदर्भ में सभी निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव आयुक्त कार्यालय हरियाणा द्वारा दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहले आयोग ने फोटो मतदाता पर्ची को पहचान के लिए एक दस्तावेज के रूप में अनुमति दी थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 99 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के पास निर्वाचक फोटो पहचान पत्र हैं। 99 प्रतिशत से अधिक वोटरों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह निर्णय लिया है कि अब से मतदान के लिए फोटो मतदाता पर्ची को स्टैंड-अलोन पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि फोटो मतदाता पर्ची को तैयार करना जारी रखा जाएगा।