जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं हरियाणा में प्रमुख पार्टियां विकास, रोजगार के मुद्दों को छोड़कर जातिगत समीकरण खंगालने में जुट गईं हैं। चाहे भाजपा हो, कांग्रेस या इनेलो सभी जाट-गैर जाट मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। भाजपा की सरकार में मंत्री ओपी धनखड़, इनेलो के अभय चौटाला ने बुधवार को झज्जर में हुए अपने कार्यक्रमों में 2016 में हुए आरक्षण आंदोलन का जिक्र कर जाट वोटरों को साधने का प्रयास किया।
वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर भी हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आजाद के सामने एक सीट पर पंजाबी प्रत्याशी को टिकट देने पर अड़ गए। मंत्री धनखड़ ने कहा कि झज्जर और रोहतक जलवाने वालों को याद रखना बेहद जरूरी है तो अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो ही एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी थी जिसने जाट आंदोलन का समर्थन किया।
दीपेंद्र का किनारा: बोले- जाति नहीं, विकास चुनावी मुद्दा
जातिगत समीकरण पर चुनाव लड़ने की बात पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा किनारा करते दिखे। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोग जात-पात में बांटने का काम कर रहे हैं, लेकिन चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाना चाहिए। जनता को भी समझना चाहिए कि क्षेत्र में आने वाले नेताओं से विकास के मुद्दे पर सवाल करना शुरू करे। भाजपा के पास विकास के नाम पर बताने को कुछ नहीं है। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए समाज को तोड़ने वाली बयानबाजी की जा रही है।
इनेलो ने ही किया था जाट आंदोलन का समर्थन: अभय
इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो ही एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी थी, जिसने जाट आरक्षण आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने कांग्रेस-भाजपा दोनों पर एक वर्ग को अलग करने के लिए काम करने का आरोप लगाया। अभय इनेलो कार्यालय में लोकसभा क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों से बैठक कर रहे थे। अभय ने कहा कि उन्हें यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि जाट आरक्षण आंदोलन से हमें कमजोर करने का प्रयास किया गया। समाज को सोचना चाहिए कि ऐसे लोगों का मुकाबला कैसे करना है। पार्टी कार्यकर्ताओं से उम्मीदवारों के नाम मांग चुकी है और 15 अप्रैल को इसकी घोषणा करेंगे।
झज्जर-रोहतक जलाने वालों को याद रखना होगा : धनखड़
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान झज्जर और रोहतक में हुई आगजनी का मामला एक बार फिर उठा। पन्ना प्रमुखों की बैठक में टिप्स देते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ कहा कि चुनाव में झज्जर और रोहतक को जलाने वालों को याद रखना बहुत जरूरी है। वोट मांगते समय पन्ना प्रमुख एक एयरहोस्टेस की तरह मुस्करा कर अपनी बात कहें। पन्ना प्रमुख मतदाता से नजरें चुराकर नहीं, बल्कि नजरें मिलाकर ही बात करें। मतदाता को उसका नाम लेकर पुकारें और नाम न पता हो तो पूछकर ही दरवाजा खटखटाएं। उन्होंने कहा कि वोट मांगते समय बेशक पन्ना प्रमुख अपना स्टैंडर्ड घटा लें, लेकिन मतदाता का स्टैंडर्ड बढ़ाना कतई न भूलें।