लोकसभा चुनाव 2019 के तहत प्रचार के लिए सियासी दलों के स्टार प्रचारक, दिग्गज नेता और उम्मीदवार अब वाहनों के बड़े-बड़े काफिलों में नहीं घूम सकेंगे। चुनाव के दौरान बेहिसाब खर्च पर लगाम लगाने की मुहिम के तहत चुनाव आयोग ने जहां प्रचार में उपयोग की जाने वाली हर सामग्री और सेवा के दाम तय कर दिए हैं, वहीं वाहनों के बेतहाशा उपयोग पर भी लगाम लगा दी है। नियम के तहत प्रचार सामग्री लेकर चलने वाले वाहनों की संख्या प्रत्येक 25 विधानसभा हलकों के लिए केवल एक वाहन तय कर दी गई है।
इसके अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए वाहनों के उपयोग के लिए भी उम्मीदवार और राजनीतिक दलों को सीईओ से अनुमति लेनी होगी। पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा राज्य के विभिन्न सियासी दलों के प्रतिनिधियों को बैठक करके नियमों की जानकारी दी गई। नियम चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए हैं। दिशा निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया गया कि अगर किसी सियासी दल को चुनाव प्रचार के लिए सामग्री बांटने के लिए वाहन की जरूरत पड़ती है तो एक ही वाहन का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए भी मुख्य चुनाव अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
बैठक में मौजूद एडिशनल सीईओ कविता सिंह और सी. सीबन ने बताया कि पार्टियों को स्टार प्रचारकों के वाहनों और सियासी दलों के वाहनों के लिए भी अनुमति लेनी होगी। रजिस्टर्ड सियासी पार्टियों को इस्तेमाल के लिए 5 वाहनों की अनुमति भी सीईओ द्वारा दी जाएगी। इसके अलावा पार्टी और उम्मीदवार के प्रचार के लिए वीडियो वैन के प्रयोग की अनुमति भी पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय द्वारा दी जाएगी, लेकिन इस मामले में केवल उन वाहनों को ही मंजूरी दी जाएगी, जो राज्य में लागू स्टेट ट्रांसपोर्ट नियमों को पूरी तरह पालन करते हों।