लोकसभा चुनाव 2019 शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस हर तरह की कवायद कर रही है। विभाग की नजर अखाड़ा पहलवानों और जेल से छूटे लोगों पर भी है। अखाड़े के पहलवानों और बाउंसरों का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए पुलिस ने अखाड़ा संचालकों को नोटिस जारी करके जरूरी निर्देश दिए हैं।
डीजीपी के निर्देश पर प्रदेश भर के 500 से अधिक अखाड़ों और नर्सरी संचालकों को नोटिस जारी करके कहा गया है कि यदि पहलवान या बाउंसर किसी का प्रचार करते नजर आए या किसी को डराने-धमकाने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी गतिविधियों को रोकना अखाड़ा संचालकों की जिम्मेदारी है।
वहीं, हाल ही में जेल से बाहर आए बदमाशों समेत 200 लोगों पर भी पुलिस की नजर है। डीजीपी मनोज यादव ने चुनाव के संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव को हर हाल में शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराना है।
हाल ही में जेल से छूटे प्रदेश भर के 200 लोगों पर नजर रखने की जिम्मेदारी पुलिस के साथ-साथ गांव के सरपंच और गणमान्य लोगों को सौंपी गई है।
पिछले चुनाव में झगड़ा करने वालों पर भी नजर
पिछले चुनाव के दौरान झगड़ा करने वाले प्रदेश के करीब तीन हजार लोगों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। उक्त लोग यदि चुनाव वाले दिन बूथ के आसपास दिखाई दिए तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक दिन के दिए जाते हैं चार से पांच हजार
सूत्रों के अनुसार, चुनाव में वोटरों को अपने पक्ष में कराने के लिए कई बार पहलवानों को दिन के चार से पांच हजार रुपये तक दिए जाते हैं। यही कारण है कि इस बार पुलिस पहलवानों पर नजर रख रही है। कई पहलवानों को थाने पर आने को कहा गया है।
परिजनों से भी मांगा जा रहा सहयोग
पुलिस बदमाशों और पहलवानों के परिजनों से भी सहयोग मांग रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की जा रही है।
चुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराना ही उद्देश्य है। यह लोगों के सहयोग से ही संभव हो सकता है। पहलवानों के अलावा जेल से छूटे लोगों पर नजर रखने को कहा गया है।
- मनोज यादव, डीजीपी, हरियाणा