इस बार डेरा अनुयायी भाजपा से पंचकूला हिंसा की घटना को लेकर गुस्से में हैं। इसका सीधा खामियाजा अकाली दल को गठबंधन के चलते भुगतना होगा। हालांकि अकाली दल अपने बचाव में डेरा सच्चा सौदा का खुलकर समर्थन भी नहीं कर सकता, क्योंकि पंथक संगठन पहले से ही उस पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की माफी को लेकर निशाना साधते रहे हैं।
डेरा प्रेमी कांग्रेस से इसलिए नाराज चल रहे हैं कि अकालियों पर निशाना साधने के लिए कांग्रेस ने डेराप्रेमियों को बेअदबी के मामलों में जानबूझकर घसीट लिया। इस संबंध में डेरा प्रेमियों का कहना है कि डेरे का कोई सदस्य पवित्र ग्रंथ की बेअदबी जैसा घिनौना काम कभी नहीं कर सकता। आम आदमी पार्टी को लेकर डेरा प्रेमियों का कहना है कि इसके नेता डेरे के खिलाफ बिना वजह बयानबाजी करते रहते हैं। वैसे आम आदमी पार्टी के खिलाफ डेराप्रेमियों की नाराजगी ज्यादा गंभीर दिखाई नहीं दे रही।
जिसके पास वोट हैं, उससे जरूर मांगेंगे : श्वेत मलिक
पंजाब में 2016 के विधानसभा चुनाव से विपरीत लोकसभा चुनाव 2019 में डेरा सच्चा सौदा को लेकर परिस्थितियां थोड़ी अलग हुई हैं। डेरामुखी इस समय जेल की सजा काट रहे हैं और हर चुनाव में उनसे आशीर्वाद लेने के लिए सिरसा पहुंचने वाले नेता इस बार झिझक रहे हैं। फिर भी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक ने हाल ही में जालंधर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान साफ कर दिया कि जिसके पास वोट हैं, चाहे वह जेल में बंद हो, हम उससे वोट जरूर मांगेंगे। इस संबंध में बाकी दल फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं।