डॉ. नवजोत कौर सिद्धू
कांग्रेस विधायक और चंडीगढ़ लोकसभा सीट से टिकट की दावेदार डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि इस बार चुनाव का मुद्दा लोगों से जुड़ना और पार्टी कार्यकर्ताओं को फिर से एक्टिव करना है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में ट्रैफिक को कम करने के लिए मेट्रो और फ्लाईओवर के बजाय आउटर रिंग रोड बनाने की जरूरत है। इससे शहर में ट्रैफिक की समस्या तो कम होगी ही, लोगों के समय की बचत भी होगी।
नवजोत कौर ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन और सांसद को बहुत पहले से इस बारे में योजना बनानी चाहिए थी, क्योंकि फ्लाईओवर से ट्रैफिक को कंट्रोल नहीं किया जा सकता। हां, इससे शहर की सुंदरता जरूर खराब हो जाएगी। यह बात उन्होंने मनीमाजरा में अमर उजाला से विशेष बातचीत में कही। डॉ. नवजोत कौर यहां कांग्रेसी नेता लवली मनचंदा के आवास पर मनीमाजरा के लोगों की समस्या सुनने पहुंची थीं।
नवजोत कौर ने कहा कि चंडीगढ़ को ऐसे सांसद की जरूरत है, जो शहरवासियों की समस्याओं को पूरी तरह से जानता हो और योजना बनाकर निदान कराए। चंडीगढ़ का नाम विश्व के बेहतरीन शहरों में शामिल था, लेकिन आज यहां की हालत बहुत खराब हो चुकी है। स्मार्ट सिटी से लेकर स्वच्छ भारत अभियान तक की सूची में शहर का नाम लगातार गिरता जा रहा है। इसके लिए सांसद से लेकर सभी प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार हैं।
गारबेज की समस्या के लिए बेहतर समाधान
नवजोत ने कहा कि हैरानी इस बात की होती है चंडीगढ़ जैसे शहर में गारबेज की समस्या के लिए कोई समाधान नहीं निकाला गया। डड्डू माजरा और धनास के लोग डंपिंग ग्राउंड की वजह से परेशान हैं और प्रशासन का उस तरफ ध्यान ही नहीं है। हमने इसके लिए बहुत सटीक समाधान ढूंढ निकला है। इससे गारबेज की समस्या का समाधान होने के साथ बॉयोगैस का निर्माण होगा। इस प्रोजेक्ट को हम पंजाब में चला रहे हैं, वह काफी सफल भी हुआ है।
चंडीगढ़ के बच्चे के लिए कोटा
नवजोत ने कहा कि वो पिछले दो साल से चंडीगढ़ में एक्टिव हैं और उन्होंने शहर के लोगों के काम की एक लिस्ट तैयार कर रखी है। चुनाव जीतने के बाद वे पहले उन सभी कामों को पूरा करेंगी। इनमें एक काम चंडीगढ़ के बच्चों को कोटा दिलवाना है। चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल का कोटा है। जिसके चलते चंडीगढ़ के बच्चों को अपने शहर से दूर जाकर रोजगार ढूंढना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हर चीज में 80 प्रतिशत कोटा दिल्ली के बच्चों का होता है।
उसी तर्ज पर चंडीगढ़ के बच्चों के हक के लिए वह केंद्र सरकार से मांग करेंगी। हक मांग कर लिया जाता है। केंद्र सरकार को कर के रूप में चंडीगढ़ 5 हजार करोड़ रुपये देता है, लेकिन बदले में उसे केवल दो हजार करोड़ रुपये ही मिलते हैं। उन्होंने बताया कि पहले अमृतसर के साथ भी ऐसा था। हम सरकार में आते ही इस बात पर अड़ गए कि अमृतसर का पैसा अमृतसर के विकास पर लगाना चाहिए। उसका असर यह हुआ आज जितना रेवेन्यू अमृतसर से आता है, उसको वहां के विकास पर लगाया जाता है।
ऑफिस में बैठ कर नही पता चलता समस्याओं का
नवजोत कौर सिद्धू का यह भी कहना है कि अब तक सांसद यह सोचते आए हैं कि कोई मेरे ऑफिस में शिकायत लेकर नहीं आया तो किसी को कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसद लोगों का प्रतिनिधि होता है। उसे चाहिए कि वो अपने क्षेत्र में चक्कर लगाकर देखे कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल भी रही हैं या नहीं।
चंडीगढ़ में फिल्म सिटी प्रोजेक्ट लाएंगी
उन्होंने कहा कि युवाओं को डिग्रियां करवाने के बजाय उनके लिए स्किल प्रोग्राम करवाए जाएं, ताकि वे अपना रोजगार चला सकें। चुनाव से पहले सरकार द्वारा चंडीगढ़ में फिल्म सिटी बनाने के दावे किए गए थे। अगर फिल्म सिटी चंडीगढ़ में बनाई जाए और कुछ कलाकारों से मुंबई से लाया जाए तो हर साल लगभग तीन चार हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा।