फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल के बेटे मनीष को उठानी पड़ी शर्मिंदगी, दुकानदार बोले...

Wed, 17 Apr 2019 11:25 AM IST
खुशबू गोयल गोविंद परवाना, अमर उजाला, मनीमाजरा
विज्ञापन
मनीष बंसल
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस प्रत्याशी पवन बंसल के बेटे को पिता के लिए प्रचार के दौरान शर्मिंदगी उठानी पड़ी, क्योंकि दुकानदार नाराज थे। चुनाव में यदि नेता जी ने किसी काम का वादा किया है और वह समय पर पूरा नहीं हो सका तो प्रचार के दौरान उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसा ही एक वाकया मंगलवार को मनीमाजरा में हुआ, कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल के बेटे मनीष बंसल के साथ।
विज्ञापन


मनीष बंसल मनीमाजरा बस स्टैंड के पास बनी जनता रेहड़ी मार्केट में प्रचार के लिए पहुंचे तो दुकानदारों ने उन्हें एक नींव पत्थर दिखा दिया। नींव पत्थर को 2006 में पवन बंसल ने रखा था। उन्होंने रेहड़ी मार्केट के दुकानदारों से वादा किया था कि उनकी वर्षों पुरानी दुकानों को पक्का करने की मांग को पूरा करेंगे। साल 2014 तक वे सांसद बने रहे, लेकिन दुकानदारों की मांग पूरी नहीं हो सकी।

हालांकि, इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम के बाद मनीष बंसल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो वादा करता हूं कि चुनाव जीतने के बाद मार्केट के पक्के बूथ जरूर बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये कहना है दुकानदारों का

जनता रेहड़ी मार्केट के चेयरमैन श्याम लाल मौड़ का कहना कि इस मार्केट में चार बार आग लग चुकी है। पवन बंसल ने नींव पत्थर तो रखा था, लेकिन उसके बाद न तो कोई अधिकारी आया और न ही नेता। बूथ नंबर 166ए के बुजुर्ग दुकानदार अमृतलाल ने बताया कि उनकी दुकान दो बार लगी आग में जलकर पूरी तरह खाक हो चुकी है। दोनों बार लाखों का नुकसान हो गया। यदि पक्के बूथ बन जाएं तो उनकी समस्या हल हो सकती है।

बूथ नंबर 517 में रेडिमेड कपड़े की दुकान करने वाले अशोक कुमार ने बताया कि उनकी मार्केट का कोई भी रखवाला नहीं है। चुनाव के दिनों में नेता आते हैं और पक्के बूथ का वादा करके चलते बनते हैं। वार्ड के पार्षद व पूर्व डिप्टी मेयर विनोद अग्रवाल का कहना कि इस मार्केट को पक्का करवाने के लिए उन्होंने कदम उठाए हैं। दो बार एडिशनल कमिश्नर को इस मार्केट में पक्के बूथ बनाने के लिए सर्वे भी करवाया है, लेकिन हालात अब भी जस के तस हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें