हरियाणा में लोकसभा चुनाव 2019 जीतने के लिए कांग्रेस बस में सवार होने जा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी से गठबंधन की बात को सिरे से नकार दिया गया है। प्रदेश के सभी बड़े कांग्रेस नेता बस पर सवार होकर दस लोकसभा क्षेत्रों में यात्रा करेंगे। यात्रा के जरिए कांग्रेस एकजुटता का संदेश देने के साथ ही सत्तारूढ़ दल पर ज्वलंत मुद्दों को लेकर जुबानी हमला भी बोलेगी।
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बस यात्रा का कार्यक्रम फाइनल करने को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हरियाणा चुनाव समन्वय समिति की बैठक हुई। राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने इसकी अध्यक्षता की। समिति के चेयरमैन पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा सहित चौदह सदस्य इसमें उपस्थित रहे, जबकि पहली ही बैठक से कांग्रेस विधायक व समिति सदस्य कुलदीप बिश्नोई ने कन्नी काट ली। आजाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में बस यात्रा का शेड्यूल तय किया गया, पर इसमें प्रत्याशियों के चयन को लेकर चर्चा नहीं हुई।
कांग्रेस के पास दस सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तीन सौ से अधिक आवेदन आए हैं। बैठक के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने बताया कि 26 मार्च से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस पूरे हरियाणा में रोड शो करेगी। यह बस यात्रा 30 मार्च तक चलेगी। फरीदाबाद से शुरू होकर रोड शो का समापन 30 मार्च को झज्जर में होगा। सभी नेता एक साथ यात्रा में शामिल होकर प्रचार करेंगे। बस यात्रा शुरू करने से पहले 23 मार्च को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक एआईसीसी मुख्यालय नई दिल्ली में होगी। इसमें कार्यकर्ताओं से राय लेकर रोड शो का रूट तय किया जाएगा। 30 मार्च को रोड शो के समापन पर झज्जर में कांग्रेस बड़ी रैली भी कर सकती है।
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आप से गठबंधन नहीं, कांग्रेस पूरी तरह एकजुट
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने सभी सीटें जीतने का दावा किया। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहन है कि आम आदमी पार्टी के साथ हरियाणा में कोई गठबंधन नहीं होगा। जिस तरह समन्वय समिति की बैठक में सब एक मेज पर बैठे थे, उसी तरह बस यात्रा में भी नजर आएंगे। अशोक तंवर ने कहा कि कभी-कभार ऐसी बातें हो जाती हैं, लेकिन गुटबाजी नहीं है। सब नेता अपने-अपने तरीके से पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए थे।
भाजपा के पास नहीं जिताऊ चेहरे : तंवर
अशोक तंवर ने कहा कि करनाल और कुरुक्षेत्र सहित अनेक सीटों पर भाजपा चेहरे बदलने जा रही है। इससे उनकी पोल खुल गई है। भाजपा के पास जिताऊ चेहरे नहीं हैं। दूसरे दलों से नेताओं को आयात किया जा रहा है। पिछली बार बड़ी मुश्किल से वे जीते हैं, वो भी तब जब कांग्रेस नेताओं को तोड़कर ले गए।
बिश्नोई के नदारद रहने से उठे सवाल
कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई के समन्वय समिति की पहली बैठक से किनारा करने पर अनेक सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह पार्टी से नाराज हैं। बीते दिनों यह अफवाह उड़ी थी कि बिश्नोई ने खुद व बेटे को टिकट के लिए भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन से मुलाकात की है। हालांकि, उन्होंने अगले ही दिन इन अटकलों पर विराम लगा दिया था, बावजूद इसके बैठक में न आने से दाल में कुछ तो काला नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जरूरी नहीं हर सदस्य बैठक में उपस्थित हो।
. 26 मार्च : फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, मेवात, रेवाड़ी, नारनौल में रात्रि ठहराव। . 27 मार्च : नारनौल से भिवानी, हिसार, सिरसा में रात्रि ठहराव। . 28 मार्च : सिरसा से फतेहाबाद, कैथल, जींद, नरवाना, कुरुक्षेत्र में रात्रि ठहराव। . 29 मार्च : कुरुक्षेत्र से अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल में रात्रि ठहराव। . 30 मार्च : करनाल से पानीपत, सोनीपत, गोहाना, रोहतक, बेरी और झज्जर।