दोनों पक्षों की रिपोर्ट के बाद डीसी ने एआरओ से रिपोर्ट मांगी थी। अब मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी के बयान पर मंगलवार देर रात पुलिस ने सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा सहित करीब 25 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया है।
थाने से जमानत के बाद पुलिस का यू-टर्न
रविवार को पुलिस ने रमेश लोहार और उसके साथी सुनील मकड़ौली को गिरफ्तार कर लिया था। मामले आर्म्स एक्ट के साथ-साथ अन्य धाराएं भी जोड़ी थीं। लेकिन सोमवार को रमेश लोहार को पुलिस थाने से ही जमानत दे दी।
इस मामले में मंगलवार को जब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रीय चुनाव आयोग को शिकायत दी तो दबाव में आई पुलिस ने रमेश के खिलाफ न केवल आईपीसी की धारा 188, 483, 283 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 130,131 व 134 बी, मोटरयान अधिनियम की धारा 49 व 192 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 भी जोड़ दी।
यही नहीं छह अन्य साथियों सहित रमेश को गिरफ्तार भी कर लिया। बुधवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि एसपी का कहना है कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की गई है।