84 के दंगों को लेकर सैम पित्रोदा ने जो बयान दिया था उस पर सियासत गरमा चुकी है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने मीडिया में बाकायदा अपना स्पष्टीकरण जारी किया है तो वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पित्रोदा के बयान से असहमति जताई है। उधर हिमाचल प्रदेश में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पित्रोदा के बयान का हावाला देते हुए कांग्रेस पर कई तीर छोड़े। अब इस मामले में सैम पित्रोदा का ही बयान आ गया है।
पित्रोदा ने कहा है कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। इसके लिए मुझे खेद है। मैं माफी मांगता हूं। मेरे बयान को संदर्भ से अलग हटकर पेश किया गया है। पित्रोदा ने कहा मेरे बयान को पूरी तरह से बदल दिया गया है। वो बोले दरअसल, मेरी हिंदी अच्छी नहीं है। मेरे कहने का अर्थ यह था कि जो हुआ वो बुरा हुआ। दरअसल, जो कुछ मेरे दिमाग में चल रहा था मैं उसे ठीक से बयान नहीं कर सका।
इससे पहले 1984 के सिख दंगों पर सैम पित्रोदा द्वारा दिए गए बयान पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि मैं सैम पित्रोदा के बयान से सहमत नहीं हूं। मैं पहले ही कह चुका हूं कि इस तरह के बयान स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ये सरकार की ड्यूटी है कि वह पता लगाए, वास्तव में क्या हुआ था। कौन इसके लिए उत्तरदायी थे, इन सभी का सच सामने आना चाहिए। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितने साल बीत चुके हैं। 1984 दंगे एक बड़ी घटना थी और संवेदनशील मामला है। ऐसे मुद्दे पर बोलने से पहले सोच समझ लेना चाहिए।
ये है मामला
गौरतलब है कि सैम पित्रोदा ने 1984 दंगे के मुद्दे पर कहा था कि अब क्या है 84 का? आपने (मोदी) क्या किया है पांच साल में, उसकी बात करिए। 84 में हुआ तो हुआ, आपने क्या किया? आपको रोजगार पैदा करने के लिए वोट दिया गया था, 200 स्मार्ट सिटी बनाने के लिए वोट मिले थे। आपने वो भी नहीं किया।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में किए गए कार्यों के बारे में बात करने की बजाय मोदी लोगों का ध्यान सीमा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की राष्ट्रीयता की ओर बंटा रहे हैं और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हमला कर रहे हैं।
पित्रोदा ने कहा कि लोकसभा चुनाव भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला नहीं है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव भारत के भविष्य को लेकर है। इसके बारे में कि हम किस तरह का देश चाहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1984 के दंगों के साथ राजीव गांधी का नाम जोड़ने की कोशिश पर तीखा ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह सैम पित्रोदा के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते और इसकी जांच होनी चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। लोकसभा चुनाव के मौके पर 84 के सिख दंगों की गोधरा कांड के साथ तुलना करके उन्होंने गेंद फिर नरेंद्र मोदी के पाले में डाल दी है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैप्टन ने कहा कि मोदी द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों को राजीव गांधी से जोड़ना बिल्कुल गलत है। सैम पित्रोदा की विवादपूर्ण टिप्पणी पर सीएम ने असहमति जताते हुए कहा कि अगर पित्रोदा ने यह बात कही है तो यह बहुत ज्यादा दुखदायी है। 1984 के दंगे एक बहुत बड़ा दुखांत थे और पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं दिया गया।
अगर कुछ नेता व्यक्तिगत रूप से इन दंगों में शामिल थे, तो उनको कानून के अनुसार सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने सज्जन कुमार, एचकेएल भगत, धर्मदास शास्त्री, ललित माकन और अर्जुन दास के सिख दंगों में शामिल होने के बारे में लोगों के आरोपों को सुना है, तब से ही इस बयान पर कायम हैं।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि वह सैम पित्रोदा के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते और इसकी जांच होनी चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। कैप्टन अमरिंदर सिंह शुक्रवार को जालंधर में होटल रेडिसन में कुछ समय के लिए रूके थे और पत्रकारों से अनौपचारिक बात कर रहे थे। इस दौरान कैप्टन ने कहा कि पंजाब में बेअदबी की घटनाओं के लिए अकाली दल जिम्मेदार है, जिनके कार्यकाल में 200 बेअदबी हुई। उनको सत्ता में आए हुए दो साल हो गए हैं लेकिन बेअदबी की एक भी घटना नहीं हुई।