पंजाब के गुरदासपुर से भाजपा प्रत्याशी और सिने स्टार सनी देओल के नाम को लेकर पार्टी के लिए उलझन पैदा हो गई है, इसलिए चुनाव आयोग में एक अर्जी दी गई है। वोटर लिस्ट और अन्य दस्तावेजों में सनी का नाम अजय सिंह धर्मेंद्र देओल है और यही नाम ईवीएम पर छपेगा, जबकि सनी के इस नाम से आम जनता तो क्या खुद भाजपाई भी अनजान हैं।
नाम का असर रिजल्ट पर न पड़े, इसलिए दोनों जिलों (पठानकोट और गुरदासपुर) के भाजपा लीडर पशोपेश में हैं। पार्टी पदाधिकारियों ने ईवीएम पर अजय सिंह धर्मेंद्र देओल की बजाए सनी देओल लिखवाने की अर्जी चुनाव आयोग को भेजी है, ताकि वोटर किसी प्रकार की दुविधा में न रहें। पठानकोट मेयर अनिल वासुदेवा इस मामले को देख रहे हैं।
बता दें, लोकसभा हलका गुरदासपुर से 29 प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज करवाया था जिनमें से 7 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए, जबकि 1 प्रत्याशी ने नामजदगी वापस ली। हलके से 21 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
हलफनामे में सारी जानकारी अजय सिंह धर्मेंद्र देओल के नाम से
सनी ने नामांकन दाखिल करते समय अपने हलफनामे में सारी जानकारी अजय सिंह धर्मेंद्र देओल के नाम से दी है। भाजपाई इस बात से भी दुविधा में हैं कि चुनाव प्रचार की सारी सामग्री पर सनी देओल भी छपा है, ऐसे में 21 उम्मीदवारों में सनी देओल का नाम न मिलने से वोटर गलत वोट पोल कर सकता है।
भाजपाई नेता सनी देओल की सिने स्टार की पहचान को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। वहीं ग्रामीण वोट की अधिकता है और बहुत से बुजुर्ग व ग्रामीण क्षेत्रों के वोटर सनी फोटो भी ठीक से नहीं पहचान पाते।
कानूनी प्रक्रिया के बाद बदला जा सकता है नाम
चुनाव तहसीलदार बताते हैं कि ऐसे कुछ मामले होते हैं कि उम्मीदवार का पहचान वाला नाम और कागजों के नाम में फर्क होता है, ऐसे में चुनावी प्रक्रिया का पालन कर नाम बदला जा सकता है।
हर उम्मीदवार का अधिकार: मेयर
पठानकोट मेयर अनिल वासुदेवा का कहना है कि यह कोई बड़ा मामला नहीं, हमारे उम्मीदवार को लोग सनी नाम से जानते हैं, सनी ने अपने नाम से चुनाव आयोग को अर्जी देकर ईवीएम पर नाम बदलने की अपील की है, जिसे चुनाव आयोग मानेगा, यह सनी का अधिकार है।