जींद विधानसभा उपचुनाव में जीत का परचम लहराने के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव 2019 में जातीय समीकरणों में उलझ गई है। पार्टी को अब दूसरे दलों के प्रत्याशी उतारने का इंतजार है। दूसरे दलों की रणनीति को देखने के बाद ही पार्टी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। यही कारण है कि कई सीटों पर अब तक प्रत्याशी का नाम फाइनल नहीं हो पाया है।
इस बीच अभय चौटाला ने नेता विपक्ष के पद से इस्तीफा देने के साथ ही भाजपा को शिकस्त देने के लिए मकड़जाल बुनना शुरू कर दिया है। रणबीर गंगवा के भाजपा मोह से बौखलाई इनेलो अब भाजपा को प्रदेश में कम से कम चार सीटों पर कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है। इसमें से सिरसा सीट एक है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र सीट पर भी इनेलो ने फोकस करना शुरू कर दिया है।
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा पर जातीय राजनीति करने को लेकर जुबानी हमला बोल दिया है। हुड्डा ने कहा है कि भाजपा ने जनता को धर्म और जाति के आधार पर बांटकर राज हासिल किया है और आज फिर से उसी रास्ते पर है। लोगों में नफरत के बीज बोने वाले भाजपा नेताओं को सबक सिखाने का समय आ गया है।