हरियाणा में सभी 10 लोकसभा सीटों पर आपराधिक छवि के 26 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे उम्मीदवारों को लेकर भाजपा चुनाव आयोग पहुंच गई है। पार्टी के विधि विभाग ने आपराधिक मामलों का सामना कर रहे और दोषी उम्मीदवारों पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग को पत्र लिखकर विधि विभाग ने निर्देश का अनुपालन कराने की मांग की है, ताकि आम जनता को उम्मीदवारों के बारे में पूरी जानकारी मिल सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा को लिखे पत्र में विधि विभाग ने कहा है कि 10 अक्टूबर 2018 को केंद्रीय चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों को अहम निर्देश जारी किए थे। उम्मीदवारों को उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों, उनकी वर्तमान स्थिति, दोषी सिद्ध होने जैसी जानकारी को प्रिंट-इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाना था। नामांकन वापस लेने की तिथि के बाद तीन बार आपराधिक मामलों की जानकारी उम्मीदवार को अनिवार्य तौर पर प्रकाशित करवानी है।
भाजपा के विधि विभाग के संयोजक एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जसबीर राठी ने बताया कि 26 अप्रैल को नामांकन वापस लेने की समय सीमा खत्म होने के बावजूद अब तक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवारों ने दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया है, ये चुनाव आयोग के निर्देश का उल्लंघन है। प्रदेश की 10 लोकसभा सीटों पर आपराधिक छवि के 26 प्रत्याशी मैदान में हैं।
भाजपा ने आयोग को भेजे 26 उम्मीदवारों के नाम
भाजपा ने आयोग को 26 उम्मीदवारों के नाम भेजे हैं। ये आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। इनमें अंबाला लोकसभा से इनेलो प्रत्याशी रामपाल, कुरुक्षेत्र लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल सिंह, सिरसा लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक तंवर, हिसार लोकसभा क्षेत्र से इनेलो प्रत्याशी सुरेश कौंथ, सोनीपत लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रोहतक से जजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार, भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा से इनेलो प्रत्याशी बलवान सिंह, फरीदाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना व आम आदमी पार्टी प्रत्याशी नवीन जयहिंद इत्यादि शामिल हैं।