विधानसभा क्षेत्र मोगा से 2012 में कांग्रेस से उपचुनाव लड़ने वाले विजय साथी पूर्व सांसद जगमीत बराड़ के साथ 2015 में कांग्रेस को अलविदा कह चुके थे। अब लोकसभा चुनाव से ठीक 20 दिन पहले वे दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए। चंडीगढ़ में रविवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद विजय साथी को सिरोपा पहनाकर कांग्रेस में शामिल किया।
हैरानी की बात यह है कि विजय साथी की कांग्रेस में घर वापसी के बारे में मोगा में किसी भी कांग्रेस नेता को खबर नहीं थी। मीडिया के जरिए जब मोगा के कांग्रेसी नेताओं को इस बारे में पता चला तो दबी जुबान में सभी ने कैप्टन के इस फैसले का स्वागत किया।
साथी 1992 में जनता दल के बाघापुराना से विधायक रह चुके हैं। 2002 में साथी ने जत्थेदार तोता सिंह के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा और महज 332 वोट के अंतर से हार गए। इसके बाद कांग्रेस की ओर से साथी ने 2012 में जोगिदंरपाल जैन के खिलाफ उपचुनाव लड़ा, जिसमें भी वह थोड़े अंतर से ही हार गए थे।
बराड़ ने बात नही मानी तो छोड़ा साथ
विजय साथी ने बताया कि वह जगमीत बराड़ को एक अच्छा लीडर मानते थे, इसलिए वह उनके साथ कांग्रेस को अलविदा कह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कुछ दिन पहले जब जगमीत बराड़ ने अकाली दल में शामिल होने का फैसला लिया तो उन्होंने निजी तौर पर बराड़ को मना किया लेकिन बराड़ ने उनकी बात नहीं मानी। इसी कारण उन्होंने जगमीत बराड़ का साथ छोड़ा।