पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल सिंह खैरा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि पंजाब में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए डीजीपी दिनकर गुप्ता को तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को भेजे पत्र में खैरा ने कहा है कि पंजाब के मौजूदा डीजीपी दिनकर गुप्ता चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।
27 मार्च उन्होंने पंजाब के विभिन्न स्थानों से अपनी पसंद के कुछ पुलिसकर्मियों को एक आदेश जारी कर अस्थायी तौर पर जिला खन्ना में तैनात कर दिया है। इससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है और अल्पसंख्यकों पर दिनदहाड़े अत्याचार हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 29 मार्च को एक सशस्त्र व्यक्ति ने जालंधर में फादर एंथनी के घर छापा मारकर उनसे 16.65 करोड़ रुपये और दो मोबाइल छीन लिए।
इसके बाद एंथनी को बंदूक की नोक पर अगवा भी कर लिया गया। खैरा ने आरोप लगाया कि फादर एंथनी के पुलिस द्वारा करीब छह करोड़ रुपये खुर्द-बुर्द कर दिए गए। खैरा ने डीजीपी दिनकर गुप्ता के कांग्रेस से करीबी संबंधों का खुलासा करते हुए एक फोटो और कुछ दस्तावेज भी चुनाव आयोग को भेजे हैं।