पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने मंगलवार को अपनी नई पार्टी का एलान करते हुए इसका एजेंडा भी बताया। खैरा ने प्रेस क्लब में कहा कि पंजाब एकता पार्टी की प्राथमिकता किसानों और खेत मजदूरों के कर्ज की समस्या का हल ढूंढना होगी। सत्ता में आने पर उनकी पार्टी कैश सब्सिडी देगी और किसानों को दिए जाने वाले कर्ज की ब्याज दर आधी की जाएगी।
पंजाब में सिर्फ 0.1 प्रतिशत लोग ही भ्रष्ट हैं, जिनमें राजनीतिज्ञ और नौकरशाह शामिल हैं। इन्हें सख्त सजाएं दी जाएंगी। कांग्रेस सरकार वादे के बावजूद कनफ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट बिल नहीं ला सकी, इसे हम लाएंगे। सियासतदानों के कारोबारों को राजनीति से डी-लिंक किया जाएगा। सांसद डॉ. धरमवीर गांधी के परंपरागत नशों की खेती के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।
भुक्की, अफीम जैसी ऑर्गेनिक ड्रग्स की खेती कराई जाएगी। ट्रांसपोर्ट, माइनिंग, शराब माफिया पर लगाम लगाई जाएगी। चुनाव आयोग और राष्ट्रपति को लिख कर देंगे कि अगर वादे से मुकरे तो मान्यता रद्द कर दी जाए।
सुखपाल खैरा ने कहा कि पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस के झंडे तले लोकसभा चुनाव लड़ा जाएगा। कितनी सीटों पर लड़ेंगे, इसका फैसला 12 को लुधियाना में पीडीए की मीटिंग में होगा। अगर लोग कहेंगे तो वह भी चुनाव लड़ेंगे। खैरा ने कहा कि अभी यह गठबंधन रहेगा। लोकसभा चुनाव के बाद इसे एक पार्टी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आप का नाम ही नहीं लिया
कार्यक्रम के दौरान सबसे हैरान कर देने वाली बात यह रही कि सुखपाल खैरा ने एक बार भी आम आदमी पार्टी या उसके नेताओं का नाम ही नहीं लिया। करीब छह माह पहले नेता प्रतिपक्ष पद से हटाए जाने के बाद से आप का पंजाब और दिल्ली नेतृत्व हमेशा से खैरा के निशाने पर रहता था।
आप हाईकमान द्वारा पंजाब इकाई को स्वायत्तता न देने का मुद्दा उन्होंने उठाया और इसी मुद्दे पर नई पार्टी बनाई। बाद में इस बारे में जब पत्रकारों ने पूछा तो खैरा ने कहा कि उन पर कुछ भी बोलना व्यर्थ है क्योंकि वह पंजाब में पूरी तरह खत्म हो चुकी है। सबकी जमानत जब्त होगी।