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लोकसभा चुनाव के लिए हरियाणा ने मांगी अर्द्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां, तैयारियों पर एक नजर

Tue, 08 Jan 2019 12:54 PM IST
Prabudhh Jain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अर्द्धसैनिक बल
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लोकसभा चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से अर्द्धसैनिक बलों की दो सौ कंपनियां मांगी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के समक्ष मुख्य सचिव डीएस ढेसी, गृह सचिव एसएस प्रसाद व डीजीपी बीएस संधू ने यह मांग रखी। बीते चुनाव में हरियाणा को 72 अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियां मुहैया कराई गई थीं।
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डीजीपी बीएस संधू ने मुख्य चुनाव आयुक्त को बताया कि हरियाणा के पास 19 हजार पुलिस बल मौजूद है। लोकसभा चुनाव में इसके अलावा अर्द्धसैनिक बल की 200 कंपनियां चाहिए होंगी। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आश्वस्त किया कि अधिक से अधिक अर्द्धसैनिक बल मुहैया कराने का प्रयास करेंगे। चुनाव के दौरान धन बल और शराब का चलन रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। पड़ोसी राज्यों के साथ चुनाव के समय समन्वय बिठाकर काम करें ताकि शराब तस्करी इत्यादि न हो सके।

अरोड़ा के समक्ष हरियाणा के तीनों उच्च अधिकारियों ने चुनाव को लेकर की गई तैयारियों का ब्योरा रखा। जिससे वे संतुष्ट दिखे। अरोड़ा ने मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं (एएमएफ) के प्रावधान करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सीईओ के कार्यालय में पर्याप्त स्टाफ व बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाए। क्षेत्रीय स्तर पर चुनाव पदाधिकारियों के सभी खाली पद भरें। ईवीएम, वीवीपीएटी और अन्य चुनाव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पर्याप्त बजट मुहैया कराएं।
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पीडब्ल्यूडी मतदाताओं का डाटाबेस करें तैयार

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने सुनील अरोड़ा को स्पेशल समरी रिविजन (01-01-2019 के अनुसार), मतदाता हेल्पलाइन (1950) और अन्य आईटी संबंधित अनुप्रयोग की प्रगति की जानकारी दी। अरोड़ा ने कहा कि सभी संपर्क केंद्रों को एक समान संख्या ‘1950’ के साथ संचालित करें।

मतदाताओं की सुविधा और सभी चुनाव संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए एकल बिंदु संपर्क के रूप में कार्य करेंगे। यह भी निर्देश दिए गए कि मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं (एएमएफ) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

पीडब्ल्यूडी मतदाताओं की पीएस-वाइज मैपिंग के साथ उनका व्यापक डाटा बेस तैयार करें। ताकि मतदान के दिन सभी पीडब्ल्यूडी मतदाताओं को पर्याप्त सहायता प्रदान की जा सके। आयोग के आदर्श वाक्य ‘कोई भी मतदाता न छूटे’(नो वोटर टू लेफ्ट बिहाइंड) को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएं। विशेष रूप से दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करें।
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