शिअद (बादल) अध्यक्ष सुखबीर बादल ने सीमावर्ती क्षेत्र अटारी और ख्याला गांव में दो चुनावी रैलियां कर भाजपा के उस उम्मीदवार के लिए वोट मांगें जिसे अभी तक घोषित ही नहीं किया गया।
सुखबीर ने रैली में उपस्थित अकाली पंच-सरपंचों से आह्वान किया कि वह कैप्टन सरकार से ग्रांट की मांग न करें। 2022 में अकाली दल की सरकार का गठन कर दें। वह उनके गांवों के विकास के लिए ट्राली भर नोटों की भेज देंगे। एक-एक गांव के विकास के लिए 50-50 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
सुखबीर बादल ने अपनी सरकार के दस वर्षों की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि कैप्टन सरकार ने अकाली-भाजपा सरकार की आटा-दाल स्कीम बंद कर दी। बादल सरकार ने दलित बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी थी। कैप्टन सरकार ने वह भी बंद कर दी। प्रकाश सिंह बादल पांच बार सीएम बने, इसका कारण था कि उनके शासन काल में हर वर्ग के लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई।
बादल ने जनकल्याण की वह स्कीम लागू की जो देश की किसी भी सरकार के वश की बात नहीं थी। बादल सरकार ने श्री दुर्ग्याणा मंदिर के विकास के साथ-साथ श्री राम तीर्थ के विकास के लिए करोड़ों की राशि खर्च की।
सुखबीर ने कहा कि झूठे पर्चों में फंसे लोग जान बचाने के लिए घरों से भागने को मजबूर हैं। इन लोगों का यही दोष है कि वह अकाली दल के समर्थक हैं। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक ने कहा कि केंद्र में एक बार फिर मोदी की सरकार बनेगी।