पिछले दिनों संगरूर में हुई पार्टी मीटिंग में पूछा गया कि यहां से कौन कैंडिडेट होना चाहिए तो सभी ने परमिंदर का ही नाम लिया था। आखिर इसका औपचारिक एलान हो गया। संगरूर लोकसभा सीट के लहरागागा विधानसभा हलके से विधायक परमिंदर पिछली सरकार में वित्तमंत्री थे।
वह 2000 में पहली बार सुनाम से विधायक बने थे, अब तक पांच बार लगातार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। आप ने इस बार भी भगवंत मान को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। शिअद अब तक छह उम्मीदवार घोषित कर चुका है।
लुधियाना से मजीठिया हो सकते हैं उम्मीदवार
परमिंदर ढींढसा के बाद सुखबीर बादल अपने एक और खास सिपहसालार बिक्रम मजीठिया पर भी दांव खेल सकते हैं। पार्टी मजीठिया को लुधियाना से लड़ाने पर विचार कर रही है। भाजपा हाईकमान की ओर से शिअद पर ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का दबाव है। इसलिए पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव में उतर सकते हैं। लुधियाना में पार्टी के पास कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं है।
पार्टी के थिंक टैंक का मानना है कि मजीठिया के आने से सीट निकल सकती है। इसके पीछे दो दलीलें दी जा रही हैं। सिमरजीत बैंस भी चुनाव लड़ेंगे, वह शहर में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएंगे। वहीं, विधायक राकेश पांडे समेत पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का पूरा गुट अंदरखाते कांग्रेस उम्मीदवार रवनीत बिट्टू की मुखालफत करेगा। जिसका फायदा शिअद को सकता है।