इनेलो में ताऊ देवीलाल व ओपी चौटाला की विरासत संभालने को लेकर सियासी जंग तेज हो गई है। क्योंकि अब नैना चौटाला मैदान में उतर आई हैं। इनेलो से निष्कासित सांसद दुष्यंत चौटाला व इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के समर्थन में जहां इनेलो प्रधान महासचिव अजय चौटाला ने पैरोल पर आने के बाद हुंकार भरी है, वहीं अब दुष्यंत-दिग्विजय की विधायक मां नैना चौटाला भी मैदान में उतर आई हैं। बेटों और पति के बाद कमान अब नैना संभालने जा रही हैं। नैना नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के विधानसभा क्षेत्र ऐलनाबाद में हरी चुनरी चौपाल का आयोजन करने जा रही हैं।
करनाल जिला के घरौंडा में आयोजित चौपाल में नैना अभय चौटाला के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी हैं। नैना 16 नवंबर को ऐलनाबाद में हरी चुनरी चौपाल का आयोजन करेंगी। आयोजन को सफल बनाने की जिम्मेदारी दिग्विजय चौटाला को सौंपी गई है। चौपाल को सफल बनाने के लिए दिग्विजय चौटाला शुक्रवार से गांवों में जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे। नैना अगर चुनरी चौपाल का सफल आयोजन करती हैं तो यह अभय के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। बेटों का राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने के लिए पिता अजय चौटाला ने 17 नवंबर को जींद में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है।
इसमें शामिल होने वाले नेताओं, पूर्व एवं मौजूदा विधायकों पर सभी की नजरें टिक गई हैं। उधर, सांसद दुष्यंत चौटाला 10 नवंबर को चंडीगढ़ में अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने दीपावली के बहाने पार्टी के विधायकों, पूर्व विधायकों व वरिष्ठ नेताओं को फोन कर शुक्रवार को तेजा खेड़ा स्थित फार्म हाउस पर बुलाया है। माना जा रहा है कि वह प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक करने जा रहे हैं। ये भी देखने लायक होगा कि इसमें कितने विधायक व नेता पहुंचते हैं।
परिवार ने पहली बार अलग-अलग मनाई दिवाली
ओमप्रकाश चौटाला
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा की राजनीति में पारिवारिक एकजुटता का संदेश देने के लिए प्रसिद्ध चौटाला परिवार ने बुधवार को 31 साल बाद अलग-अलग दीपावली मनाई। पिछले तीन दशकों में चौटाला परिवार में कई तरह के राजनीतिक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन दीपावली के अवसर पर पूरा परिवार एक साथ पूजा में भाग लेता था। इस परिवार की यह परंपरा 31 साल पहले और बुधवार को दूसरी बार टूटी। पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल ने जब करीब 32 साल पहले ओम प्रकाश चौटाला को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी चुना तो उनके भाई रणजीत सिंह घर छोड़कर अलग हो गए और दीपावाली के अवसर पर अलग-अलग जगह पूजन का आयोजन किया गया।
ताऊ ने जिंदा रहते हुए कई बार चौटाला भाइयों को दीपावली के अवसर पर एक साथ पूजा करने के लिए राजी करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। अब पिछले कई दिनों से अजय व अभय के बीच चल रहे विवाद को लेकर सभी की नजरें इस बात पर लगी हुई थी कि चौटाला परिवार दीपावली के दिन एकसाथ पूजा करेगा या फिर से इस परिवार में बिखराव होगा। बुधवार को दीपावली के अवसर पर अभय चौटाला अपने परिवार समेत तेजा खेड़ा फार्म हाउस पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मां स्नेहलता के साथ दीपवाली की पूजा की। वहीं, अजय अपने परिवार के साथ पैतृक गांव चौटाला गए और वहां ताऊ देवीलाल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सिरसा के बरनाला स्थित चौटाला हाउस में आ गए।
वहां उन्होंने अपनी पत्नी नैना चौटाला, बेटे दुष्यंत व दिग्विजय के साथ दीपावली की पूजा की। वीरवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें अजय चौटाला सिरसा में कार्यकर्ताओं की बैठक लेते हुए दिख रहे हैं। इस बैठक के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने अभय चौटाला के विरुद्ध न केवल अभद्र शब्दावली का इस्तेमाल किया, बल्कि निजी कटाक्ष भी किए। जिस पर अजय ने उन्हें बीच में ही रोकते हुए नसीहत दी कि कोई कहीं भी रहे कार्यकर्ता न तो आपस में और न ही नेता के विरुद्ध किसी तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करेंगे।