दिवाली की रात पटाखेबाजों पर न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का डर दिखा और न ही अपने शहर की आबोहवा की चिंता। तय समय के बाद (रात आठ बजे से दस बजे तक) भी आतिशबाजी होती रही। बम धमाकों की गूंज ने दीपावली पर ध्वनि प्रदूषण में पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया। खासकर रात आठ से दस बजे तक। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि इन दो घंटे के दौरान ही पटाखे फोड़ने की अनुमति थी।
कम समय मिलने के कारण लोगों ने एक साथ खूब धमाके वाले पटाखे फोड़े। इससे ध्वनि के साथ वायु प्रदूषण भी खूब हुआ। दीपावली पर सेक्टर-22 में एयर क्वालिटी इंडेक्स 311, सेक्टर-17 में 177 और सेक्टर-12 में 297 दर्ज किया गया। तीनों जगह हवा की क्वालिटी खराब थी। कुल मिलाकर न तो शोर कम हुआ और न ही हवा की गुणवत्ता पर कोई खास सुधार हुआ।
पिछली दिवाली के मुकाबले ज्यादा, तारीख के मुकाबले कम
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यदि पिछली दीपावली से तुलना की जाए तो इस बार हवा का स्तर ज्यादा खराब रहा है जबकि पिछले वर्ष 19 अक्तूबर की सात नवंबर से तुलना की जाए तो कम रहा है। यह दिलचस्प तर्क पर्यावरण डिपार्टमेंट की ओर से दिया गया है। डिपार्टमेंट के निर्देशक व आईएफएस देबिंदर दलाई ने बताया कि पिछली बार दीपावली पर सेक्टर 22, 17 और 12 का एयरक्वालिटी इंडेक्स क्रमश: 240, 137 और 247 था, जबकि इस बार 311, 177 और 297 रहा है।
उनके मुताबिक इस बार प्रदूषण का स्तर बढ़ने के पीछे तापमान की कमी ने अहम भूमिका निभाई है। पिछले साल दीपावली 19 अक्तूबर को थी, उस दिन रात आठ बजे तापमान 23.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि इस बार दिवाली करीब 18 दिन देरी से आई है। इससे रात के तापमान में कमी आई है। डिपार्टमेंट के मुताबिक सात नवंबर को रात आठ बजे तापमान करीब 16.6 डिग्री दर्ज किया गया।
तापमान में कमी के कारण वायुमंडलीय सतह की ऊंचाई घटती है। इससे प्रदूषण के कण नीचे रहते हैं। इस वजह से इस दिवाली प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहा है। अब बात तारीखों की तुलना की। पिछले साल सात नवंबर को सेक्टर-17 में प्रदूषण का स्तर 362 व सेक्टर-12 में 306 था, जबकि इस बार सेक्टर -17 में प्रदूषण का स्तर 177 व सेक्टर-12 में 297 था। विभाग ने तारीखों का तर्क देते हुए कहा कि इस बार प्रदूषण कम हुआ है।
धमाकों से बजे कान
आतिशबाजी
- फोटो : अमर उजाला
इस बार बम धमाकों ने सबके कान बजा डाले। रात आठ से दस बजे ध्वनि प्रदूषण ने पिछली दीपावली का भी रिकार्ड तोड़ डाला। बम धमाकों से लोगों को भी काफी परेशानी आई। खासकर छोटे बच्चों और बेजुबान जानवरों को। ऐसा भी नहीं था कि पटाखे सिर्फ रात आठ से दस बजे ही फोड़े गए हों। शाम सात बजे से लेकर रात 12 बजे तक धमाके होते रहे।
पांच सालों में दीपावली पर ध्वनि प्रदूषण का ब्योरा
एरिया समय 2014 2015 2016 2017 2018
सेक्टर-22 रात 8 से 9 80.2 80.4 82.2 80.8 80.3
रात 9 से 10 82.9 85.8 86.3 84.8 87.6
रात 10 से 11 77.8 84.0 84.0 75.5 81.0
रात 11 से 12 68.9 80.2 81.0 76.0 63.1
सेक्टर-17 रात 8 से 9 65.8 65.0 67.6 63.5 66.9
रात 9 से 10 68.4 67.6 68.8 62.3 69.7
रात 10 से 11 67.6 66.7 66.4 54.9 59.5
रात 11 से 12 65.0 64.2 62.9 48.6 55.4
(स्टैंडर्ड वैल्यू दिन के वक्त सुबह छह से रात दस बजे तक 55 डेसिबल, रात के वक्त 10 से छह बजे तक 45 डेसिबल)