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पंजाबः अमृतसर में क्यों नहीं चला मोदी मैजिक और हरदीप पुरी की हार का बड़ा कारण, जानिए

Fri, 24 May 2019 01:22 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री
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पंजाब में अकाली गठबंधन के साथ भाजपा ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन अमृतसर में सीट गंवा दी। यहां से केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की हार का बड़ा कारण सामने आया है। दरअसल, भाजपा अपनी आपसी फूट और गुटबाजी से नहीं उबर सकी। एक बार फिर पार्टी ने अमृतसर सीट गवां दी। अरुण जेटली के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को हरा कर दिल्ली भेजा।
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गुरदासपुर और होशियारपुर सीटें भी मोदी मैजिक के सहारे ही बच सकीं। भाजपा में सबसे ज्यादा गुटबाजी अमृतसर में है, जिसने पुरी का काफी नुकसान किया। हालांकि पुरी आखिर तक बाहरी के टैग से भी पीछा नहीं छुड़ा सके। अमृतसर में प्रदेश प्रधान श्वेत मलिक और पूर्व मंत्री अनिल जोशी के गुटों के बीच जबरदस्त खींचतान है, जो प्रचार के अंतिम समय तक जारी रही।

प्रदेश प्रधान होने के नाते अमृतसर सीट जिताना मलिक की जिम्मेदारी थी। उन्हें सबको साथ लेकर पार्टी को एकजुट करना चाहिए था। लेकिन वह गुटबाजी को बढ़ावा देते रहे, हलके में ज्यादा समय भी नहीं दे सके।
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श्वेत मलिक को हटाने की मांग ने पकड़ा जोर

नतीजे आते ही अमृतसर के व्हाट्स एप ग्रुपों पर मलिक के खिलाफ मैसेज शुरू हो गए। लोगों ने मलिक को हटाने की मांग शुरू कर दी है। होशियारपुर में अगर मोदी का जादू न चलता तो यह भी भाजपा के हाथ से निकल जाती। क्योंकि यहां भी गुटबाजी चरम पर थी। यहां से पिछली बार जीते विजय सांपला का टिकट काट दिया गया था। उनका गुट मतदान के एक दिन पहले तक सोम प्रकाश को निशाना बनाता रहा।

सांपला ने होशियारपुर में प्रचार भी नहीं किया। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को समझ आ गया था कि अमृतसर सीट बचना मुश्किल है। होशियारपुर में पहाड़ों से सटी बेल्ट में मोदी का प्रभाव हो सकता है। इसी लिए उन्होंने यहां मोदी की रैली कराई, चार केंद्रीय नेताओं ने डेरा डाला, जिसके चलते होशियारपुर बच पाई। गुरदासपुर में जरूर पार्टी को गुटबाजी का सामना नहीं करना पड़ा।
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