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जींद उपचुनाव: परिणाम तय करेंगे राजनीतिक दलों की सियासी हवा का रुख, भाजपा की होगी परीक्षा

Sun, 06 Jan 2019 02:19 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले जींद विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का परिणाम सभी दलों की सियासी हवा का रुख तय करेगा। इसलिए कोई भी सियासी दल इस उपचुनाव को हलके में नहीं लेना चाहते। भाजपा के लिए तो यह उपचुनाव जहां पहले ही एक बड़ी परीक्षा है, वहीं सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस और इनेलो को भी इस चुनाव में अपना दम दिखाना होगा। इनलो से अलग हुई जजपा के लिए भी ये चुनाव खुद को साबित करने जैसा होगा।
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इनेलो के विधायक हरिचंद मिड्डा के निधन के बाद खाली हुई जींद विधानसभा सीट पर 28 जनवरी को चुनाव होना है।

लिहाजा सभी सियासी दल अपनी कमर कसे हुए हैं। चूंकि चुनाव पूरी गंभीरता से लड़ना है, इसलिए अभी तक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। फिलहाल देखा जए तो भाजपा की ओर से चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है।  भाजपा के दावेदारों में पूर्व सांसद सुरेंद्र बरवाला, कृष्ण मिड्डा, आवास बोर्ड के चेयरमैन डा. ओपी पहल, खाप नेता टेकराम कंडेला, मास्टर गोगल, सज्जन गर्ग, लीलाधर मित्तल व बलकार डहोला, सीएम के ओएसडी राजेश गोयल शामिल हैं। कांग्रेस में अशोक तंवर और पूर्व सीएम हुड्डा के समर्थक दावेदार अपनी-अपनी ताल ठोक रहे हैं।

चूंकि यह सीट पहले से ही इनेलो के ही पास थी, मगर इनेलो विधायक हरिचंद मिड्डा के निधन के बाद उनके बेटे कृष्ण मिड्डा ने भाजपा ज्वाइन कर इनेलो का तो गणित ही बिगाड़ दिया है। दरअसल, इनेलो कृष्ण मिड्डा को ही पिता की सीट पर उतारक र सहानुभूति जीत हासिल करना चाहती थी। लेकिन अब इनेलो नए और मजबूत प्रत्याशी की तलाश में हैं। इनेलो से अलग होकर जजपा ने भी इस सीट से चुनाव लड़ने का एलान तो कर दिया है, लेकिन इनेलो के साथ-साथ जजपा के लिए भी मुश्किल यह होगी कि इस सीट पर दोनों ही दल अपनी ‘बंटी’ हुई ताकत के साथ लड़ेंगे।
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दूसरी ओर, कांग्रेस भी यदि इस सीट पर गुटबाजी के साथ ही लड़ती है, तो जाहिर है इसका फायदा भाजपा को ही मिलेगा। मगर अब देखना यह होगा कि सभी दल इस सीट पर अपने किस मजबूत चेहरे पर दांव खेलते हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर जेएस नैन कहते हैं कि ये उपचुनाव ऐसे समय में है, जबकि  हरियाणा में लोकसभा और विधानसभा इसी साल होने हैं। ऐसे में इस उपचुनाव परिणाम आगामी चुनावों के लिए दलों के लिए उनकी सियासी हवा का रुख तय करेंगे।
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जींद उप चुनाव हमारे लिए कोई चैलेंज नहीं, एक तरफा होगी जीत

प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जींद उपचुनाव भाजपा के लिए कोई चैलेंज नहीं है। हमें विश्वास है कि जिस प्रकार प्रदेश की जनता ने निगम चुनावों में हमें अपना समर्थन दिया है, उसी प्रकार जींद के लोगों में भी खासा उत्साह है। यकीनन भाजपा यहां से एक तरफा जीत दर्ज करेगी। शनिवार को करनाल में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम मनोहर लाल ने कहा कि बेशक इससे पहले जींद में भाजपा जीत दर्ज नहीं कर पाई, लेकिन इस बार ये मिथक टूटेगा, क्योंकि जींद के लोग विकास पर मुहर लगाएंगे। टिकट के सवाल पर सीएम ने कहा कि ये फैसला चुनाव समिति करेगी। दो सदस्यीय पर्यवेक्षक टीम कल अपनी रिपोर्ट देगी और इसके बाद समिति और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मंथन के बाद टिकट फाइनल किया जाएगा।

राम रहीम का फैसला वीसी से हो जाए तो अच्छा
डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम की सीबीआई कोर्ट द्वारा फैसले को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा कि सरकार की ओर से सीबीआई कोर्ट में अपील की गई है कि बाबा राम रहीम की व्यक्तिगत पेशी न हो, बल्कि ये कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की जाए, क्योंकि निर्णय ही सुनाना है तो वे वीसी के माध्यम से करें तो अच्छा है, ताकि लॉ एंड आर्डर की स्थिति न बिगड़े। वैसे सरकार हर तरह से तैयार है।

इनाम राशि पर ट्वीट और फिर रिट्वीट अच्छा नहीं है
खेल मंत्री अनिल द्वारा अंतरराष्ट्रीय शूटर अनु भाकर के ट्वीट पर रिट्वीट करने के एक सवाल पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि इनाम की राशि नियमानुसार मिलेगी। इस पर ट्वीट और ट्वीट फिर रिट्वीट ठीक नहीं है। यहां सारा कार्य नियम के अनुसार ही होता है, इसमें किसी भी प्रकार के विवाद की शंका नहीं बचती है। खेल विभाग के नियम अनुसार, जिसकी जितनी राशि बनती है, उसे उतनी ही मिलेगी। इसके बाद न तो मनु भाकर को और न ही खेल मंत्री को कोई आपत्ति नहीं होगी। हुड्डा के खिलाफ ईडी की जांच के सवाल पर कहा कि भाजपा का कार्य जनता की सेवा और विकास कार्य कराना, इसमें हमारा कोई कार्य नहीं है।

मोदी, योगी और मुझे अगली पीढ़ी की नहीं देश की चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और मुझे स्वयं अगली पीढ़ी की क्या चिंता, हमने तो केवल जनता की सेवा करने के लिए जन्म लिया है, हमारा किसी से कोई निजी स्वार्थ नहीं बल्कि राष्ट्रहित ही हमारा कर्तव्य है। देश और प्रदेश का हर नागरिक स्वावलंबी हो, हर नागरिक को समय पर रोटी, कपड़ा और मकान मिले, इसकी चिंता हम जैसे राजनेता को रात दिन सताती है, जबकि हम से पहले राजनेताओं की क्या चिंता थी वह देश और प्रदेश की जनता भली भांति जानती है। उन्होंने कहा कि वोट के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते, मैं और मेरी पार्टी इसकी ओर नहीं जाते, बल्कि जनता पर छोड़ते है कि कौन राजनेता और पार्टी आपका भला कर सकती है।
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